न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक महीने तक चले विशेष टीबी रोगी खोज अभियान के तहत जिलेभर में 3,067 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से टीबी के 214 संभावित लोगों के नमूनों की जांच कराई गई तो उनमें से 13 लोग टीबी के रोगी पाए गए।
वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री ने लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री की प्रेरणा से पूरे राज्य में कई चरणों में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान दो सितंबर से 31 सितंबर 2021 तक तीन चरणों में चलाया गया। प्रथम चरण में दो से छह सितंबर तक जिले के सभी अनाथालय, वृद्धाश्रम, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, मदरसा, नवोदय विद्यालय एवं कारागार में यह अभियान चलाया गया। द्वितीय चरण में सात से 16 सितंबर तक जिले की समस्त शहरी एवं ग्रामीण मलिन बस्तियों में यह अभियान चलाया गया, जिसमें तीन सदस्यीय टीम ने घर-घर भ्रमण किया।
तृतीय चरण का अभियान 17 से 30 सितंबर 2021 तक चला। यह सब्जी एवं फल मंडी, लेबर मार्केट, ईंट भट्टे, स्टोन क्रेशर, खदानें एवं साप्ताहिक बाजार में चलाया गया। तीनों चरणों में 3,067 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 214 टीबी के संभावित पाए गए। इनमें से 13 टीबी के रोगी पाए गए। इनका उपचार शुरू किया जा चुका है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एएस वशिष्ठ ने बताया कि अब अक्तूबर 2021 में जिले के समस्त निजी चिकित्सकों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी आदि में निजी स्तर पर उपचार ले रहे मरीजों की अधिसूचना जुटाकर एनटीईपी द्वारा दी जाने वाली समस्त सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। इंटर कॉलेज व डिग्री कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।