न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हत्या का प्रयास करने के एक मामले में न्यायालय ने 11 दोषियों को 10-10 साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना-चंदपा क्षेत्र के गांव कुम्हरई निवासी आस मोहम्मद ने 19 मार्च 2015 को थाना हाथरस गेट में तहरीर दी कि उसका भतीजा अजीम पुत्र शान अपने गांव कुम्हरई से हाथरस कारोबार के लिए जा रहा था। रास्ते में गढ़ी जैनी के निकट पवन, लोकेश, बंसल, नहना, प्रह्लाद पुत्रगण चंद्रपाल, हरिओम पुत्र विजेंद्र, देवेंद्र पुत्र इंद्रपाल, इंद्रपाल पुत्र राम सिंह, भोला पुत्र जुगेंद्र, कुलदीप पुत्र नेत्रपाल, जुगेंद्र, नेत्रपाल व राकेश पुत्रगण लाल सिंह निवासीगण कुम्हरई ने उसे रोक लिया। उसे लात-घूंसों व थप्पड़ों से पीटा। पवन ने कहा कि देखते क्या हो, जान से मार दो।
भोला, कुलदीप, हरिओम ने तमंचों से फायर किए। इससे अजीम को गोली लगी और वह घायल हो गया। इस मामले में थाना-हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचक ने विवेचना की और न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) अनुराग पंवार के न्यायालय में हुई। मुकदमा विचारण के दौरान दो अभियुक्तों की मृत्यु हो गई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायालय ने 11 आरोपियों को दोषी माना। न्यायालय ने सभी दोषियों को 10-10 वर्ष की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर सभी दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अधिरोपित अर्थदंड में से एक लाख रुपये की धनराशि पीड़ित को दी जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की। संवाद