जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव ने फिर काबिज होने की कोशिश की लेकिन वह अपने प्रयास में असफल रहीं। हालांकि उनके रणनीतिकारों ने अपना पूरा प्लान जिस तरीके से सजाया था उससे विपक्षी खेमा जीतने के बाद भी बैचेन दिखा। पिछले माह अविश्वास प्रस्ताव के बाद कुर्सी से हटी ओमवती यादव ने एक बारगी सोमवार को जब चुनाव हुआ तो पासा पलटने की पूरी कोशिश की।
मतगणना के बाद जब परिणाम सामने आया तो उनके पक्ष में 12 वोट आए। यानि वह केवल एक वोट से चुनाव हार गई। यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि अविश्वास प्रस्ताव के समय उनके विपक्ष में 16 वोट पड़े थे। ऐसे में एक महीने के अंतराल में ओमवती यादव ने तीन वोटरों को अपने खेमे में शामिल कर लिया। यह देखकर विपक्षी भी खासे बैचेन दिखे।
हार जीत तो चलती रहती है। हमने पूरी दमदारी से चुनाव लड़ा और मैं केवल एक वोट से चुनाव हारी हूं। जनता की सेवा लगातार करती रहूंगी।
ओमवती यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष