इसे खुशबू का दुर्भाग्य कहें या तंत्र की नाकामी। उसने अपनी पहली और आखिरी सांस इसी सड़क पर ली। मृतक बच्ची के पिता संजय सैनी ने कांपते हुए होठों से बताया कि खुशबू की मां को जब प्रसव पीड़ा हुई तो वह उसे प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे। रास्ते में ही किला स्टेशन स्थित रेलवे फाटक के निकट सड़क पर खुशबू पैदा हुई थी। उस समय किसी ने नहीं सोचा था कि इसी जगह के आसपास सड़क पर ही वह आखिरी सांस लेगी।
खुफिया तंत्र रहा सतर्क
बच्ची की मौत के बाद बवाल की संभावना को देखते हुए खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। स्थानीय अभिसूचना इकाई के कर्मी पल-पल की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे। घटना के बाद लोगों में काफी गुस्सा था। इसे ध्यान में रखते हुए खुफिया तंत्र ने हर संदिग्ध व्यक्ति पर अपनी नजर बना रखी थी।
जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की
घटना से लोगों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ काफी नाराजगी थी। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर घंटों हंगामे के हालात बने रहे। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि कई बार सड़क निर्माण के लिए कहा गया है, लेकिन किसी ने भी इस सड़क को बनवाने पर ध्यान नहीं दिया है। सड़क में गहरे-गहरे गड्ढे हैं, जिनसे दुर्घटना का डर हर वक्त बना रहता है।
स्थानीय लोगों में नमकीन फैक्टरियों के खिलाफ आक्रोश था। लोगों का कहना था कि ढकपुरा के मुख्य मार्ग पर फैक्ट्रियों से माल लाने-ले जाने के लिए भारी वाहनों का आवागमन लगा रहता है। यहां बच्चों का भी आवागमन रहता है, जिससे यहां हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लोगों की मांग थी कि इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने भी किया हंगामा
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया भी मौके पर पहुंच गए। वह भी अपने समर्थकों के साथ हंगामा करने लगे। वह मृतक बच्ची के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। धवरैया ने कहा कि इस क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठान होने के कारण पूरे दिन भारी वाहनों का प्रवेश रहता है। इस कारण हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। लिहाजा फैक्टरी संचालकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
बाल-बाल बचा भाई कृष्णा
हादसे में खुशबू का भाई कृष्णा बाल-बाल बच गया। कृष्णा बहन खुशबू को लेकर साइकिल से स्कूल छोड़ने जा रहा था। साइकिल गिरने के दौरान खुशबू ट्रैक्टर की चपेट में आ गई और कृष्णा नजदीक ही गिर गया।
मलबा भरकर एक ट्रैक्टर आ रहा था। बच्ची साइकिल से जा रही थी। दुर्घटना में बच्ची की मौत हो गई। घटना को लेकर लोग आक्रोशित थे। मुआवजे की मांग कर रहे थे। नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सड़क बनवाने और दिन में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने की मांग की थी। इस संबंध में आदेश कर दिया गया है। जिन उद्योगपति के भारी वाहनों के आवागमन की शिकायत की गई है, उनको नोटिस जारी किया जा रहा है।- रविंद्र कुमार, एसडीएम सदर हाथरस।