हाथरस। जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम में रखीं ग्लूकोज (आरएल) की कई बोतलों में फफूंद (फंगस) लग गई। अस्पताल प्रशासन ने इनके उपयोग पर रोक लगा दी गई। गुरुवार को औषधि निरीक्षक ने दवा स्टोर रूम से इन ग्लूकोज की अलग-अलग बैच नंबर की पांच बोतलों के नमूने लिए गए। इनकी सप्लाई करने वाली कंपनी को भी नोटिस जारी कर दिया गया है।
आरएल ग्लूकोज की बोतलों को जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम में रखा जाता है। करीब चार दिन पहले इनमें से कई बोतलों में फफूंद लगने की जानकारी अस्पताल प्रशासन को हुई।
सीएमएस ने इस कंपनी के भुगतान को भी रोक दी। गुरुवार को औषधि निरीक्षक पूरनचंद्र ने जिला अस्पताल के दवा स्टोर रूम में पहुंचकर इन ग्लूकोस की बोतलों के भंडारण को देखा।
उन्हें करीब 3 हजार बोतलों के लॉट में से लगभग एक दर्जन बोतलों में फफूंद लगी हुई मिली। औषधि निरीक्षक ने बताया कि अलग-अलग बैच नंबर की पांच ग्लूकोस की बोतलों के नमूने ले लिए गए हैं। ग्लूकोस की बोतलों की सप्लाई करने वाली कंपनी इनवेन फार्मा प्रा. लि. एमपी को नोटिस जारी कर दिया गया है।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि नोटिस में कंपनी से कहा गया है कि वह पूरे भारत से इस बैच नंबर के माल को तत्काल वापस मंगवाएं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जानकारी विभाग के आयुक्त को भी दे दी गई है।
- आरएल ग्लूकोज की बोतलों की सप्लाई करने वाली कंपनी का पेमेंट रोक दिया गया है। अप्रैल माह में आई इन बोतलों के पूरे लॉट को रिजेक्ट कर दिया गया है। इन बोतलों का उपयोग रोक दिया गया है।
- डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल, हाथरस।
अस्पताल में गहराएगी बोतलाें की किल्लत
हाथरस। फफूंद लगी मिलने पर करीब तीन हजार बोतलों के एक लॉट को रिजेक्ट कर दिए जाने से जिला अस्पताल में मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी के मौसम में डायरिया के मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई जाती हैं। हालांकि सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि अन्य अस्पतालों से इन बोतलों की व्यवस्था कराई जाएगी।
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