कोतवाली सादाबाद पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) व सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध लगाकर सॉल्वर बैठाने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा है। इनके तीन साथी फरार हैं, जिनकी सरगर्मी से तलाश हो रही है, ताकि पूरा नेटवर्क सामने लाया जा सके। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मोबाइल, आधार कार्ड, एक कार, उत्तर पुस्तिका, हिसाब-किताब बुक व अन्य सामान बरामद किया गया है।
18 फरवरी दोपहर मैंडू रोड स्थित अपने कार्यालय में पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि जिले में 17 व 18 फरवरी को आयोजित हुई उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर को लीक कराने, परीक्षार्थियों को पढ़वाने, सॉल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने की फिराक में आए गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने बताया कि कोतवाली सादाबाद पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी पुलिस की परीक्षा के दौरान पेपर लीक करने व वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर द्वारा परीक्षा दिलाने वाले गिरोह के कुछ व्यक्ति एक कार से मथुरा के बल्देव से सादाबाद आ रहे हैं। सूचना पर कोतवाली सादाबाद पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन गु्रप (एसओजी) सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सादाबाद के चौ. चरण सिंह तिराहा पास से सॉल्वर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
चार आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सतीश चौधरी पुत्र योगेन्द्र सिंह निवासी नगला मियां थाना सादाबाद, रवि दिवाकर पुत्र हेतराम निवासी रसमई थाना सादाबाद, पंकज कुमार पुत्र चन्द्रवीर सिंह निवासी चांदपुर थाना नौहझील जिला मथुरा व रामपाल पुत्र विजेन्द्र सिंह निवासी ऊंचा गांव थाना सादाबाद बताया है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपने तीन और अन्य साथियों के नाम बताए हैं। फरार तीन साथियों को पुलिस तलाश रही है। सतीश चौधरी पुत्र योगेन्द्र सिंह निवासी नगला मियां थाना सादाबाद पर थाना ताजगंज आगरा, थाना नाई मंडी, आगरा, थाना गढ़ी पुख्ता जनपद शामली में विभिन्न मामलों में मुकदमा पंजीकृत हैं।
दस साल से परीक्षाओं में कर रहे सेंधमारी
एसपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तगणों ने बताया कि वह करीब 10 वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी का काम कर रहे हैं। यह लोग प्रत्येक लड़के से आठ से 10 लाख रुपये लेते हैं। परीक्षा से पहले तीन लोगों से छह लाख रुपये एडवांस लिया था, शेष रुपया पास होने पर ले लेते।
तीन से छह-छह लाख रुपये लिए एडवांस
अभियुक्त रामपाल ने पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में करीब 10 वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर के रूप में काम कर चुका है, लेकिन पकड़ा नहीं गया है। इस बार उसने तीन लोगों से छह लाख रुपये लेकर संतोष निवासी नगला मियां को दिया है। एक अभ्यर्थी का सौदा दस-दस लाख के हिसाब से तय हुआ है। शेष रुपया परीक्षा पास होने बाद लिया जाता है।