सादाबाद। ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज के सैकडों लोगों ने रालोद प्रदेश सचिव गुड्डू चौधरी के नेतृत्व में सीओ व तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जाट समाज को आरक्षण दिए जाने और हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 50 लाख रूपये का मुआवजा देने की मांग की गई।
हरियाणा के बाद अब यूपी में भी जाट समुदाय द्वारा आरक्षण की मांग तेज होती जा रही है। अभी तो समुदाय के लोग शांति पूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन कहीं आरक्षण की यह मांग हिंसक रूप न ले ले। फिलहाल, सोमवार को जाट समाज के लोग मथुरा रोड स्थित ओम शीतगृह पर एकत्रित हुए। यहां हुई समाज के लोगों की पंचायत में रालोद प्रदेश सचिव गुड्डू चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की वजह से ही अब तक जाट समाज को आरक्षण नहीं मिल पाया है। समाज के लोग अपना हक मांग रहे हैं, भीख नहीं। कुंजल सिंह एडवोकेट ने चेतावनी दी कि सरकार ने जल्द आरक्षण न दिया तो कहीं यह आंदोलन उग्र रूप न लेले। पंचायत के बाद सीओ नरेंद्र देव और तहसीलदार कुमारचंद जबालिया को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जाटों को नौ राज्यों में दिए गए आरक्षण को बहाल करते हुए केन्द्रीय सेवाओं में आरक्षण दिए जाने, हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी व 50 लाख रुपया मुआवजा दिए जाने, घायल लोगों के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने, जाटों को लेकर भाजपा सांसद राजकुमार सैनी द्वारा दिए गए गलत बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने तथा हरियाणा और अन्य राज्यों में चलाए जा रहे आंदोलन में जाट समाज के लोगों पर दर्ज किए सभी मुकदमे निरस्त किए जाने की मांग की गई। इस मौके पर राजेश चौधरी, प्रेमपाल सिंह, अजीत सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मवीर सिंह, राधाचरण सिंह पहलवान, सीओ साहब, हुकुम सिंह, नेत्रपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, सत्यवीर चौधरी, गोपाल चौधरी, देवेंद्र सिंह, पंकज कुमार, ज्वाला सिंह, दुर्ग सिंह, चंद्रपाल, रनवीर सिंह, जुगेंद्र सिंह, धर्मवीर गंधार, साहब सिंह भोला, कलोदी, अजय चौधरी आदि थे।