चंद्रपाल सिंह सुबह खेत पर कृषि कार्य करने गए थे। इसके बाद वह घर लौट आए। दोपहर करीब तीन बजे खाना खाने के बाद वह घर पर बैठे थे। इस दौरान अचानक उन्हें घबराहट होने लगी और तबीयत बिगड़ गई।
बिसावर के गांव मोनिया में शनिवार को किसान चंद्रपाल सिंह (65) की शनिवार दोपहर को खाना खाने के बाद अचानक घबराहट हुई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया है।
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किसान की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। चंद्रपाल सिंह अपनी पत्नी महादेवी, दो बेटों और बहुओं के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। उनके बड़े बेटे का नाम सूरजपाल सिंह और छोटे बेटे का नाम विनय कुमार है। परिवार में तीन नाती और तीन नातिन हैं।
परिजनों के मुताबिक, चंद्रपाल सिंह शनिवार सुबह खेत पर कृषि कार्य करने गए थे। इसके बाद वह घर लौट आए। दोपहर करीब तीन बजे खाना खाने के बाद वह घर पर बैठे थे। इस दौरान अचानक उन्हें घबराहट होने लगी और तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादाबाद लेकर पहुंचे। वहां से निजी अस्पताल ले गए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
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चंद्रपाल सिंह के भतीजे बॉबी के अनुसार, चिकित्सक ने मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया। चंद्रपाल सिंह क्षेत्र में पुराने दूधिया के रूप में जाने जाते थे। दिवाली के त्योहार से पहले अचानक उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शाम को शव गांव में पहुंचते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। देर शाम गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।