खारिज हुई फाइल तो उठाया खौफनाक कदम
पीड़ित के अनुसार मामले में 23 अप्रैल को आदेश होना था, लेकिन इसे टाल दिया गया। बुधवार की शाम को जब अधिकारी ने आदेश संबंधी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया तो पीड़ित का धैर्य जवाब दे गया।
इस मुकदमे में आदेश विचाराधीन है। इस वजह से प्रार्थना पत्र खारिज हो गया था। पीड़ित एटा एसओसी से आदेश का पालन कराने की जिद कर रहा था। डीडीसी की कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। वहां से अभी अंतिम आदेश नहीं हुआ है। सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।-अनिल कुमार, चकबंदी अधिकारी
मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। शिकायतकर्ता को सभी दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है। इनके परीक्षण के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।-अतुल वत्स, डीएम