आयकर विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े पांच लाख रुपये की ठगी
कोतवाली में दर्ज कराया गया मुकदमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। आयकर विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर गांव नगला घनी के एक व्यक्ति से कुछ शातिर लोगों ने नौकरी लगने के फर्जी कूटरचित कागजात थमाकर साढ़े पांच लाख रूपये की ठगी कर ली। इस मामले में कोतवाली में गांव नगला घनी सादाबाद निवासी ओमवीर सिंह चौधरी पुत्र डोरीलाल ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट मेें आरोप है कि उसके परिवार के चरण सिंह का दामाद सुभाष पुुत्र स्व. प्रीतम सिंह निवासी ग्राम सिनसिनी पैंजु थाना कुम्हेर भरतपुर अपने साथ अमित कुमार शर्मा पुंत्र महेश शर्मा निवासी कनदपुर इगलास अलीगढ़ को साथ लेकर आए कि अमित कुमार की आयकर विभाग में बड़े अधिकारियों से जान पहचान है। हम लोगों ने कई लड़कों की आयकर विभाग में नौकरी लगवा दी है, तुम्हारे लड़के नकुल की भी आयकर विभाग के गु्रप सी में नौकरी लगवा देंगे। अधिकारी साढ़े पांच लाख रुपये लेंगे और नौकरी लगवा देंगे। पांच मई को यह लोग फिर उसके घर आए और नौकरी की बात की।
वह इनकी बातों में आ गया और उसने एक लाख रूपये दे दिए, तभी सुभाष का छोटा भाई अमर सिंह भी आ गया और कहा कि पूरे साढ़े पांच लाख रूपये इनको दे दो। यदि नौकरी नहीं लगी तो वह पूरा पैसा वापस करा देगा। मैने मई 2017 में पूरे साढ़े पांच लाख रुपये दे दिए। इसके बाद इन लोगों ने कई बार नौकरी जल्द लगवाने का आश्वासन दिया और आगरा बुलाया। 16 जून को बताया गया कि अब काम हो गया है। भर्ती का प्रमाण पत्र व नियुक्ति पत्र मिलने वाला है। 21 जून को सुभाष व अमित ने आयकर विभाग के कार्यालय संजय प्लेस के पास आकर नियुक्ति पत्र उसके बेटे का नाम का व परिचय पत्र व नियुक्ति पत्र के समय अंगूठे के निशान लगाने का नकुल के नाम का वेतन संबंधी अन्य पत्र दिए।
इन पर आयकर विभाग की मोहर लगी थी व हस्ताक्षर हो रहे थे। 16 जून से 27 जून के बीच ज्वाइन कराने की तारीख लिखी थे, लिहाजा उसने अमित से कहा कि ज्चाइन करा दो तो अमित ने कहा कि आज वह अधिकारी नहीं है, जिनके पास ज्वाइन करना है। जब मैने आयकर विभाग से पता किया तो पता चला कि नियुक्ति पत्र व अन्य पत्र फर्जी हैं। यह पता पडने के बाद यह लोग पैसा वापस करने बात करते रहे, लेकिन आज तक इन लोगों ने उसका पैसा वापस नहीं किया है। आठ अगस्त 2018 को उसकी पत्नी व बहन व लड़का गांव सिनसिनी में सुभाष के घर गए तो सुभाष व उसके घर वालों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और पैसा न देने की धमकी दी।