प्रशिक्षण स्थल पर ड्यूटी हटवाने को पहुंची अपने बच्चों के साथ पहुंची महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
हाथरस। जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग के आदेशों को दरकिनार करते हुए यहां गर्भवती महिलाओं और मातृत्व अवकाश पर चल रहीं शिक्षिकाओं की भी चुनाव में ड्यूटी लगा दी है। अब यह शिक्षिकाएं अपने बच्चों को लेकर ड्यूटी कटवाने के लिए कार्यालयों में चक्कर काट रही हैं। मंगलवार को गर्भवती और मातृत्व अवकाश पर चल रहीं शिक्षिकाएं अपने बच्चों के साथ मंडी परिसर में प्रशिक्षण में पहुंच गईं और ओसी कार्मिक से ड्यूटी हटवाने को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार गर्भवती महिलाओं, एक साल की उम्र तक के बच्चे की मां, अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से पृथक रखा जाता है। यहां जिला प्रशासन ने आयोग के आदेशों के अनदेखी कर मनमर्जी तरीके से चुनाव ड्यूटी लगा दी है। गर्भवती महिला कर्मचारियों और मातृत्व कर्मचारियों के अनुसार उनके द्वारा अपने विभाग में इसकी सूचना दी गई है। इसके बावजूद चुनाव में उनकी ड्यूटी लगा दी गई है। मातृत्व अवकाश पर चल रही पूजा चौधरी के भाई ने बताया कि उनकी बहन मातृत्व अवकाश पर चल रही है। पहले प्रार्थना पत्र देकर ड्यूटी कटवाई थी, अब फिर से ड्यूटी लगा दी गई।
मंगलवार को गर्भवती और मातृत्व अवकाश पर चल रहीं शिक्षिकाएं अपने बच्चों के साथ प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचीं और ओसी कार्मिक से मुलाकात की और अपनी ड्यूटी हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिए। इस मौके पर बॉबी कुमार, पूजा शर्मा (गर्भवती), डिप्टी सिंह (गर्भवती), अनीता वर्मा, निशा गुप्ता, निशा रानी आदि ने ड्यूटी हटाने संबंधी प्रार्थना पत्र दिए।