आठ माह के कनक की कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। बच्चे को बुखार आया था। इस पर परिजनों ने उसे नजदीकी चिकित्सक को दिखाकर दवा दिलाई, लेकिन इसके बाद भी उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। उसे इलाज के लिए बागला संयुक्त जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने देखने के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
कई दिनों से बुखार से पीड़ित आठ माह के मासूम की मौत हो गई। बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए हाथरस के बागला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। रोते-बिलखते हुए परिजन शव को लेकर गांव चले गए।
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मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गांव पटैनी निवासी दिलीप के आठ माह के बेटे कनक की कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। बच्चे को बुखार आया था। इस पर परिजनों ने उसे नजदीकी चिकित्सक को दिखाकर दवा दिलाई, लेकिन इसके बाद भी उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। 14 जुलाई की सुबह कनक की एकाएक तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई। यह देख परिजनों के होश फाख्ता हो गए।
आनन-फानन परिजन उसे इलाज के लिए बागला संयुक्त जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सक ने देखने के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रोते-बिलखते हुए परिजन बच्चे के शव को लेकर गांव चले गए।