मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। बाहर का तापमान कम है। हमारे शरीर का तापमान भी कम न हो जाए, इसके लिए सजग रहना जरूरी है। यह मौसम सभी तरह के वायरस के लिए अनुकूल माना जाता है। यही वजह है कि संक्रमण का खतरा इस मौसम में सबसे ज्यादा रहता है। धूप देखकर लापरवाही न बरतें। ये सलाह चिकित्सक दे रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि बुजुर्ग और ऐसे लोग जिन्हें हृदय रोग, मधुमेह या अन्य कोई पुरानी बीमारी है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी होती है। बुजुर्गों को चाहिए कि वे शरीर को सीधे ठंड के संपर्क में लाने से बचें। शरीर को पूरी तरह से ढंक कर रखें। कोशिश करें कि रोजाना कुछ देर धूप में जरूर बैठें। वहीं धूप देख कर लापरवाह न हों, सर्दी का विशेष ध्यान रखते हुए ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें।
बाजार का खाना खाने से बचें
जिला अस्पताल वरिष्ठ चिकित्सक डॉ वरुण चौधरी ने बताया कि इन दिनों वातावरण में धूल बहुत होती है। बाजार का खुला खाना दूषित हो सकता है। इसलिए इस मौसम में बाजार का खाना खाना से बचना चाहिए। घर पर तैयार गर्म पेय जरूर लेना चाहिए। ठंड के इस मौसम में नाक और कान को गर्म कपड़ों से ढककर रखें। जिन लोगों को बार-बार सर्दी जुकाम होने की शिकायत है, उन्हें प्राणायाम और अन्य श्वसन क्रिया से जुड़े व्यायाम करना चाहिए। ऐसे लोग अत्यधिक ठंड में सुबह के वक्त घर से बाहर न निकलें।
सर्दी-जुकाम को हल्के में न लें
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ पीके श्रीवास्तव ने बताया कि कोशिश करें कि सुबह सात बजे के बाद ही टहलने के लिए निकलें। सर्दी-जुकाम को हल्के में न लें। यह नुकसानदायक हो सकता है। यह बात सही है कि इस मौसम को खाने-पीने का मौसम माना जाता है, लेकिन बहुत ज्यादा तले-गले और मसाले वाला खाना खाने से परहेज करना चाहिए।
मुझे सर्दी, बुखार की शिकायत है। हसायन की दवा से फायदा नहीं मिला तो अब जिला अस्पताल से दवा लेने आई हूं। इस मौसम में बचकर रहने की जरूरत है।
-सरोज, मरीज
मेरी नातिन ठंडी हवा लगने से बीमार हो गई है। उसे ही दवा दिलवाने के लिए अस्पताल लाई हूं। इस वक्त मौसम बदल रहा है, जिसके कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं।
-रुकसाना, तीमारदार