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Hathras: भाई से नहीं मिला मृतक का डीएनए, कब्र से निकाल हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की उम्मीद हुई धुंधली

Thu, 07 Mar 2024 10:35 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

करब में एक युवक का शव मिला था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को मुस्लिम का मानकर दफन करा दिया गया था। बाद में परिजनों ने इसकी पहचान हिंदू युवक के रूप में की। एक हफ्ते से परिजन शव को कब्र से निकलवाकर उन्हें सौंपने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि वह हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर सकें। 
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विस्तार
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जिस हिंदू युवक को मुस्लिम समझकर दफनाया जा चुका है, उसके भाई के डीएनए जांच की रिपोर्ट आ गई है। जांच रिपोर्ट मिसमैच आने पर कब्र से शव बाहर निकालकर अपने घर ले जाने की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों की उम्मीद धुंधली पड़ गई है।

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7 मार्च को मृतक के पिता और भाई हाथरस शहर के मुरसान गेट स्थित कब्रिस्तान और उसके बाद मथुरा रोड स्थित कलेक्टेट में डीएम से मिलने पहुंचे और अधिकारियों से मिलकर शव को कब्र से निकलवाकर उन्हें सौंपने की मांग की। बता दें कि बीते 23 फरवरी को कोतवाली सहपऊ क्षेत्र के गांव खेरिया में रेलवे ट्रैक से थोड़ा आगे करब में एक युवक का शव मिला था। 

पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को मुस्लिम का मानकर दफन करा दिया गया था। बाद में परिजनों ने इसकी पहचान 40 वर्षीय अमिता हरिजन पुत्र रामविलास निवासी लामडिंग जिला होजई असोम के रूप में की थी। एक हफ्ते से परिजन शव को कब्र से निकलवाकर उन्हें सौंपने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि वह हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर सकें। 

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