हाथरस जिला महिला अस्पताल में कहने को तो करीब आधा दर्जन चिकित्सकों की तैनाती है, लेकिन देखा जाए, तो यह अस्पताल प्रशिक्षुओं के भरोसे चल रहा है। यहां की ओपीडी व इमरजेंसी में भी चिकित्सक नहीं दिखाई देते। कहने को तो यह जिला महिला अस्पताल है, लेकिन यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से भी बुरा हाल है।
पिछले कई दिनों से देखा जा रहा है कि यहां की इमरजेंसी तक में डॉक्टर नहीं रहती हैं। ऐसे में उपचार के लिए आने वाली महिला मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ चिकित्सक तो लंबे समय से यहां नहीं आ रहे हैं। इस कारण गिने-चुने चिकित्सकों को भी लगातार ड्यूटी करने में दिक्कत हो रही है। केवल सीएमएस डॉ. शैली सिंह ही रह गई हैं, जो प्रशासनिक कार्य, इमरजेंसी और फिर ओपीडी को देख रही हैं।
अस्पताल में लंबे समय से चिकित्सकों की कमी है। इसे लेकर कई बार पत्र भी लिख चुके हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जो डॉक्टर छुट्टी गईं थीं, वह शायद कल आ जाएं, तो कुछ राहत मिल जाएगी। -
डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ
मेरी पुत्रवधू गर्भवती है, उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल लाई हूं। यहां पर डॉक्टर तो हैं ही नहीं, एक नई सी मैडम हैं, वही देख रही हैं। -
पिंकी, तीमारदार
अल्ट्रासाउंड कराना था, लेकिन यहां डॉक्टर ही नहीं आए हैं, दवा लेकर ही जाना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड के लिए फिर आना पड़ेगा।
-रानी, मरीज