फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: टीबी अस्पताल में पहुंची जिला अस्पताल की इमरजेंसी

Thu, 20 Aug 2026 02:42 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
जिला अस्पताल की इमरजेंसी का भवन। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
जिला अस्पताल की इमरजेंसी को टीबी अस्पताल भवन में शिफ्ट किए जाने के बाद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है। इमरजेंसी के लिए भवन को दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इससे टीबी मरीजों और इमरजेंसी में आने वाले अन्य मरीजों के बीच सीधा संपर्क नहीं होगा।
विज्ञापन

हालांकि इमरजेंसी के ठीक बाहर तीमारदारों को टीबी संक्रमण को लेकर सावधानी बरतनी होगी। टीबी मुख्य रूप से हवा के माध्यम से फैलने वाली बीमारी है। सक्रिय टीबी से पीड़ित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाले संक्रमित कण बंद और कम हवादार स्थानों में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। ऐसे में अस्पताल के उन हिस्सों में संक्रमण का जोखिम अधिक रहता है, जहां टीबी मरीज लंबे समय तक रहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भवन को दो हिस्सों में बांटा गया है, जिससे सीधा संपर्क नहीं हो सके।

हवा में ज्यादा देर नहीं ठहरता बैक्टीरिया
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीण भारती ने बताया कि खुली हवा व धूप में संक्रमित कणों का संकेंद्रण तेजी से कम होता है, इसलिए जब तक टीबी मरीज से सीधा संपर्क न हो, तब तक टीबी फैलने का खतरा नहीं रहता। साथ ही जिन मरीजों की दवा चल रही होती है, उनसे संक्रमण फैलने का खतरा न के बराबर रहता है।
विज्ञापन


रास्ता अलग किया गया
पहले अस्पताल के मुख्य गेट से ही इमरजेंसी का प्रवेश रखा जा रहा था, लेकिन संक्रमण की संभावना को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट की ओर प्रवेश द्वार बनाया गया। यह गेट टीबी अस्पताल के मुख्य गेट से करीब 10 मीटर दूर है, जिसके लिए पार्क में से रास्ता दिया गया है। वहीं इमरजेंसी में आने वाले तीमारदारों के लिए पार्क में ही बैठने की व्यवस्था की गई है।

नई इमरजेंसी में ये सुविधाएं होंगी
माननीय के इंतजार में दो बार कार्यक्रम निरस्त होने के बाद आखिरकार बुधवार को नई इमरजेंसी का उद्घाटन हो गया। सदर विधायक अंजुला माहौर व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा ने फीता काटा। इस दौरान एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा, सीडीओ पीएन दीक्षित, सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश, सीएमएस डॉ. सूर्यप्रकाश व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सीएमएस डॉ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि इमरजेंसी को वातानुकूलित बनाया गया है। छह से 20 बेड किए गए हैं। लंबे उपचार के लिए अलग से कक्ष भी तैयार किया गया है। यहां मिनी ओटी भी होगी। वाटर कूलर सहित मरीज व तीमारदारों के लिए अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।

मुख्य बातें

नई इमरजेंसी का स्थान : टीबी अस्पताल की पुरानी ओपीडी
टीबी ओपीडी : मुख्य प्रवेश मार्ग से बाईं ओर स्टोर की जगह
इमरजेंसी में आने वाले मरीज : रोजाना 100 से 120
टीबी अस्पताल की ओपीडी : रोजाना 70 से 80 मरीज


इस बात का विशेष ख्याल रखा गया है कि टीबी का संक्रमण न फैले। इसलिए पुरानी ओपीडी का गेट बंद कर उस पर फाइबर शीट लगाई गई है, जिससे दोनों विभाग अलग रहें। प्रवेश मार्ग भी अलग है। मरीज एक-दूसरे के संपर्क में नहीं आएंगे। -डॉ. वेदप्रकाश, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें