शहर के खातीखाना स्थित लोहा मंडी में बृहस्पतिवार दोपहर सेंट्रल जीएसटी आगरा की टीम एक लोहा फर्म पर सर्वे करने पहुंची। इस दौरान फर्म मालिक के परिजनों और जीएसटी अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई और नौबत गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। मौके पर हंगामा खड़ा हो गया।
व्यापारियों ने जीएसटी टीम पर बदसलूकी व मारपीट के आरोप लगाए। वहीं जीएसटी अधिकारी की गाड़ी के चालक ने भी स्थानीय लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया। विवाद का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि टीम जिस फर्म के नाम आईएनएस यानी इंस्पेक्शन सर्च वारंट लेकर आई थी, उसकी जगह वह उसी परिवार की दूसरी फर्म पर पहुंच गई।
इस बात पर कारोबारी पक्ष भड़क उठा। हंगामे और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए आसपास के लोहे, पत्थर व अन्य निर्माण सामग्री के दुकानदारों ने आनन-फानन अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और पूरा बाजार बंद हो गया। करीब दो घंटे तक मौके पर गहमागहमी और खलबली मची रही। स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बाद में अधिकारियों ने कारोबारी से संबंधित सीए फर्म पर देर शाम तक दस्तावेज के आधार पर जांच की। सीजीएसटी आगरा के निरीक्षक विवेककांत ने बताया कि हम लोग सर्वे के लिए आए थे, तब ही फर्म कारोबारी के यहां से कुछ कागज लेकर एक युवक भागा, जिसके चलते उसके पीछे सिपाहियों सहित एक व्यक्ति भागा। इसके अलावा कोई बात नहीं हुई है। सीसीटीवी में सबकुछ देखा जा सकता है।
खंडहरनुमा बंद भवन में तीन साल में 842 करोड़ का टर्नओवर
सूत्रों के मुताबिक सेंट्रल जीएसटी आगरा की टीम मूल रूप से मेसर्स श्रीबालाजी एसोसिएट्स नामक फर्म की जांच-पड़ताल के सिलसिले में पहुंची थी। प्रोपराइटरशिप आधारित इस फर्म की संचालक सपना अग्रवाल पत्नी सुबोध अग्रवाल बताई जाती हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जीएसटी रिकॉर्ड में जिस पते पर यह फर्म दर्ज है, वह एक खंडहरनुमा इमारत है, जिसका अधिकांश हिस्सा वर्षों से बंद और जर्जर पड़ा है। इमारत की सिर्फ एक दीवार पर फर्म का नाम और जीएसटी नंबर लिखा हुआ था, जबकि अंदर कोई व्यावसायिक गतिविधि या स्टॉक नजर नहीं आ रहा था। इस फर्म का वित्तीय वर्ष 2024-25 में टर्नओवर करीब 289 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2025-26 करीब 369 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2026-27 जो कि चालू वर्ष उसमें भी अब तक करीब 184 करोड़ रुपये का टर्नओवर हो चुका है।