बिजली न आने पर मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में काम करते कलेक्ट्रेट कर्मचारी
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कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली जाने के बाद कामकाज की रफ्तार थम जाती है। हैरानी की बात यह है कि बिजली ठप होने के बाद अफसराें के कार्यालय तो वैकल्पिक साधनों से रोशन रहते हैं, लेकिन कर्मचारियों के कमरों में अंधेरा छा जाता है। यहां कर्मचारी मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में कार्यालयों के कामकाज निपटाने के लिए मजबूर होते हैं।
शनिवार को भी कलेक्ट्रेट के कार्यालयों में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कई कार्यालयों में कर्मचारी बिजली न होने पर मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में काम करते नजर आए। कलेक्ट्रेट में अफसरों के कक्ष में तो बिजली के लिए जनरेटर और इन्वर्टर की वैकल्पिक व्यवस्था है, लेकिन कुछ कर्मचारियों के कमरों में न तो इन्वर्टर ही लगे हैं और न हीं जनरेटर की लाइन है।
कर्मचारियों का कहना है कि कलेक्ट्रेट में पिछले कुछ दिनों से बेतहाशा बिजली कटौती हो रही है। इस दौरान बिजली आपूर्ति के लिए लगाया गया जनरेटर भी शोपीस बना हुआ है। बिजली न होने का असर यहां आने वाले फरियादियों के कार्याें पर भी पड़ रहा है। कर्मचारियों को भी काम काज में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट आशुतोष सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट में चार जनरेटर हैं। विद्युत लाइन में दिक्कत के चलते शायद कर्मचारियों के कमरों की आपूर्ति बाधित रही है।