सिकंदराराऊ से गुरुवार को पढ़कर प्राइवेट बस द्वारा लौट रहे छात्र-छात्राओ से कुछ दबंग बस संचालकाें द्वारा मारपीट कर दी गई। आरोप है कि सिकंदराराऊ नहर पुल के निकट बस की चेकिंग के नाम पर छात्र-छात्राओ को नीचे उतार लिया गया। उनसे गाली-गलौज और मारपीट की गई।
आरोप है कि हमलावरों ने विद्यार्थियों के कपड़े तक फाड़ दिए। घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने गांव बरसामई के निकट सिकंदराराऊ-जलेसर मार्ग पर डेढ़ घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। जाम से पब्लिक और वाहन चालक काफी परेशान रहे। कुछ वाहन चालकों और ग्रामीणों ने जाम की सूचना जरैरा चौकी पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने छात्रों को समझा-बुझाकर जैसे-तैसे शांत किया। दबंग बस संचालकाें के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर ही नाराज छात्र-छात्राओं ने जाम खोला।
जरैरा पुलिस चौकी क्षेत्र के सैकड़ाें छात्र-छात्राएं हर रोज प्राइवेट बसाें द्वारा सिकंदराराऊ-पुरदिलनगर स्थित कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते हैं। गुरुवार की दोपहर को जब छात्र-छात्राएं पढ़ने के बाद प्राइवेट बस द्वारा घर लौट रहे थे तो दबंग बस संचालकों द्वारा छात्र-छात्राओं को चेकिंग के नाम पर बस से उतार लिया गया। छात्र-छात्राओं पर किराए के 15 रुपये नहीं दिए जाने का आरोप लगाया गया।
आरोप है कि बस से उतारने के बाद इन बस चालकों ने छात्र-छात्राओं से मारपीट शुरू कर दी। जाम लगा रहे छात्रों ने कहा कि पूर्व में भी इन्हीं बस संचालकों द्वारा मारपीट किए जाने पर कई दिनों तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया था, जिस कारण प्राइवेट बसों का संचालन बंद रहा था।
तब पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर छात्रों और बस संचालकाें के बीच तय हुआ था कि बडे़ छात्रों द्वारा पांच रुपये किराया दिया जाएगा, जबकि छोटे छात्रों द्वारा दो रुपये प्रति चक्कर के हिसाब से किराया दिया जाएगा। छात्राें द्वारा कहा गया कि पूर्व में पुलिस-प्रशासन द्वारा समझौता कराए जाने के बावजूद बस संचालकों द्वारा चेकिंग के नाम पर आए-दिन गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं की जाती हैं। जरैरा चौकी पर तैनात दरोगा जुगेंद्र सिंह और अन्य पुलिस कर्मियों ने जैसे-तैसे जाम खुलवाया।