मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के निधन से शहर के उद्यमी, व्यापारी और समाजसेवी भी शोक में डूब गए हैं। इनका कहना है कि देश ने एक अनमोल रतन खो दिया है। उद्योग जगत में रतन टाटा की भरपाई लंबे समय तक नहीं हो पाएगी। रतन टाटा एक कुशल उद्यमी होने के साथ बेहतर समाजसेवी भी थे। अपनी दरियादिली, सादगी और परोपकारी भावना के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
रतन टाटा का निधन देश के लिए अपूर्णनीय क्षति है। इसकी भविष्य में भरपाई नहीं हो सकती। वाकई वह भारत के अनमोल रतन थे। उनके जैसा दूसरा व्यक्ति हो पाना मुश्किल है।
-सुरेंद्र वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष रेडीमेड गारमेंंट्स एसोसिएशन।
रतन टाटा का चले जाना बहुत ही दुखद है। आज पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। वह हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। उद्योग व समाजसेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को कभी नहीं भूला जा सकता।
-जितेंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रेडीमेड गारमेंंट्स एसोसिएशन।
रतन टाटा वास्तव में भारतीय उद्योग जगत के एक रत्न थे। वह अपने आप में एक महान शख्सियत थे। उन्होंने सादगी व अपने दयालु व्यवहार से लोगों का दिल जीता। उनके निधन पर दी हाथरस मर्चेंट्स चेंबर शोक व्यक्त करता है
।-प्रदीप कुमार गोयल, अध्यक्ष दी हाथरस मर्चेंट्स चेंबर।
रतन टाटा अक्सर किसी न किसी तरीके से लोगों को सीख देते नजर आते थे। आज भले ही यह महान शख्सियत हमारे बीच मौजूद नहीं है, लेकिन इनकी प्रेरणा और महान विचार सदैव हमारे बीच रहेंगे।
-अशोक कुमार अग्रवाल, सचिव दी हाथरस मर्चेंट्स चेंबर, हाथरस।