सीएचसी प्रभारियों को एफआईआर का अधिकार
कुछ महीने पहले डिप्टी सीएमओ डॉ. एमआई आलम से डीआईओ का पदभार हटाकर एसीएमओ डाॅ. राजीव गुप्ता को दिया गया था। इसके बाद नोडल अधिकारी ने सभी सीएचसी प्रभारियों को झोलाछाप पर कार्रवाई व एफआईआर का अधिकार दे दिया था। सीएमओ के नेतृत्व में एक महीने पहले झोलाछाप चिकित्सकों के यहां ब्लॉकवार छापे पड़े थे। क्लीनिक सील हुए थे, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब इस ऑडियो से आशंका है कि इन्हीं अधिकारों का लाभ उठाते हुए ब्लॉक स्तर पर झोलाछापों से वसूली शुरू हो गई है।
संदेह के घेरे में अन्य सीएचसी
झोलाछाप हर ब्लॉक में हैं। ऐसे में अन्य सीएचसी भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। चर्चा है कि नोटिस देकर कार्रवाई करने के बजाय झोलाछाप डॉक्टरों से नियमित अवैध वसूली कर उन्हें बेखौफ दुकानें चलाने की छूट दी जा रही है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सीएचसी प्रभारी को थमाया नोटिस, जांच भी होगी
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. वेदप्रकाश ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। सीएचसी प्रभारी डाॅ. साहब सिंह को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में जांच बैठाई जा रही है। जांच में स्पष्ट होगा कि आवाज किस कर्मचारी और सीएचसी पर तैनात किस चिकित्सक की है।