संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह प्रथम हाथरस के निर्देश पर जनपद न्यायालय के संचालन में कई निर्देश जारी किए गए हैं। यह जानकारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस चेतना सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि न्यायालय जनपद न्यायाधीश, हाथरस, विशेष न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज(वरिष्ठ प्रभाग), सिविल जज(कनिष्ठ प्रभाग) में वादों की सुनवाई भौतिक रूप/वीडियों क्रॉफ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। जिसमें सभी महत्वपूर्ण/आवश्यक प्रकृति के मामलों की सुनवाई की जाएगी।
जिला मुख्यालय एंव वाह्य न्यायालयों में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने के लिए ई-मेल आईडी जारी की गई है। न्यायालय में कार्य करने के लिए पचास प्रतिशत कर्मचारियों को उपस्थित रहने के संबंध में आदेश दिए गए हैं। न्यायालय में केवल वही अधिवक्ता/वादकारी उपस्थित हो, जिनके मामलों की उस दिन सुनवाई नियत है।
जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों से संबंधित रिमांड आदि के कार्य केवल वीडियों क्रॉंफ्रेंसिंग के माध्यम से निष्पादित किए जाएंगे। ई-मेल के माध्यम से भेजे गए आवेदन में उनके मोबाइल नंब व ई-मेल आईडी सहित अधिवक्ता व वादकारी का विवरण होगा। जनपद न्यायालय में अधिवक्ताओं, वादकारीयों एवं अन्य द्वारा प्रेषित नवीन प्रार्थना पत्रों को प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर अनुभाग ई-मेल के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों को डाउनलोड करेगा और आवश्यक सूची तैयार की जाएगी।
ऐसे सभी मामले पंजीकृत किए जाएंगे और ऐसे प्रार्थना पत्र व मामलों पर अधिवक्ता और वादकारी का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी अंकित करना अनिवार्य होगा। किसी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित अधिवक्ता को सूचित किया जाएगा। कंप्यूटर अनुभाग, सर्वर कक्ष द्वारा सभी अधिवक्ताओं को कंप्यूटर अनुभाग द्वारा ई-कोर्ट प्रणाली की सूचना दी जाएगी, ताकि सूचीबद्ध किए गए मामलों को एप के माध्यम से देख सकें। न्यायालय कक्ष में उचित सामाजिक दूरी पर अधिवक्ताओं हेतु चार कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी और न्यायालय कक्ष में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों द्वारा मास्क का उपयोग अनिवार्य होगा।
कोर्ट स्टॉफ सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित करेगा। ई-मेल पर या केस के रूप में सेंट्रलाइज्ड फाईलिंग काउंटर अभियोजन को प्राप्त कराया जाएगा। अभियोजन द्वारा अपना उत्तर प्रावधानों के अनुसार निर्धारित अवधि के अंदर दाखिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त अधिवक्ताओं एंव वादकारी की सहायता हेतु मोबाइल नंबर भी जारी किए गए है। जिनका प्रयोग कॉजलिस्ट में मामलों की लिस्टिंग तथा टाइम स्लॉट आदि की जानकारी के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि मोबाइल नंबरों से निर्मित की गई हेल्पलाइन को जिला न्यायालय की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाए। वीडियों क्रॉन्फ्रेंसिंग से संबंधित न्यायालय की सूचना न्यायालय कर्मचारी द्वारा संबंधित स्टॉक होल्डर को प्रदान की जाएगी। साथ ही न्यायालय परिसर को प्रतिदिन सैनिटाइजर व साफ-सफाई व विशेष ध्यान देने के लिए व न्यायालय के बाहर थर्मल स्कैनिंग परीक्षण कराई जाए। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। न्यायालय की कार्यप्रणाली या किसी अन्य विधिक सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस द्वारा बनाए गए हेल्प डेस्क पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है।