एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार को टीम के साथ अलीगढ़ रोड स्थित एक कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। वहां सुरक्षा में गंभीर खामियां मिलने पर एसडीएम ने कॉल सेंटर को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए और संचालक को नोटिस थमाया।
प्रशासनिक टीम जब अलीगढ़ रोड स्थित कॉल सेंटर पर पहुंची, तो वहां प्रथम और द्वितीय तल पर काम होता पाया गया। जब एसडीएम सदर ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच की, तो मानकों के नाम पर वहां केवल औपचारिकता के लिए फायर एक्सटिंग्विशर टंगा मिला। हैरान की बात यह थी कि इतने बड़े कॉल सेंटर में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही सीढ़ी का रास्ता था और वह भी बेहद संकरा था।
किसी भी आपातकालीन स्थिति या भगदड़ में यहां बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा मौके पर विद्युत सुरक्षा में भी भारी लापरवाही देखने को मिली। एसडीएम ने संचालक से व्यावसायिक भवन के दस्तावेज, फायर एनओसी और अन्य जरूरी कागजात मांगे, जिन्हें संचालक मौके पर पेश नहीं कर सके। लिहाजा एसडीएम ने उसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया।
कार्रवाई के डर से कोचिंग और लाइब्रेरी बंद
प्रशासनिक कार्रवाई की भनक लगते ही शहर के अन्य कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में खलबली मच गई। टीम जब अलीगढ़ रोड पर ही स्थित ग्रामीण बैंक के सामने वाले भवन में चल रहे कोचिंग सेंटर पर पहुंची, तो वह पहले ही बंद हो चुका था। अलीगढ़ रोड के अन्य कोचिंग संस्थान भी बंद मिले। यही हाल शहर की लाइब्रेरियों का भी रहा। आगरा रोड भट्टा वाली गली, आगरा रोड बंबा और अलीगढ़ रोड एक्सिस बैंक के पास संचालित होने वाली अधिकांश लाइब्रेरी बंद पाई गईं। कार्रवाई के डर से कई संचालकों ने अपनी इमारतों के बाहर से कोचिंग और लाइब्रेरी के बैनर व होर्डिंग्स तक हटा दिए हैं, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों की नजर उन पर न पड़ सके।
चोरी-छिपे चल रहे कॉल सेंटर
जांच टीम को गांधी तिराहा स्थित एक अन्य कॉल सेंटर भी बंद मिला। सूत्रों के अनुसार शहर के खातीखाना, नगला अलगर्जी रोड व अन्य रिहायशी इलाकों में कई कॉल सेंटर आज भी चोरी-छिपे और बिना किसी बोर्ड या बैनर के संचालित हो रहे हैं। बाहर कोई जानकारी चस्पा न होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों को इनके संचालन का पता नहीं चल पाता है, जिससे इन अवैध सेंटरों तक टीम नहीं पहुंच पा रही है।
इनका कहना है
शासन के निर्देशानुसार सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले में अब तक मानकों की अनदेखी करने वाले 18 संस्थानों को बंद कराया जा चुका है। अलीगढ़ रोड पर मिले कॉल सेंटर को भी बदं कराया गया है। सुरक्षा मानक पूरे करने पर सभी संस्थानों को खुलवा दिया जाएगा।
राजबहादुर सिंह, एसडीएम सदर, हाथरस