हाथरस में सादाबाद पर रिंग रोड निर्माण के लिए गांव मिढ़ावली और गढ़ी हरिया में अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे को लेकर 7 दिसंबर को को भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा 1.70 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से देने और मुआवजा मिलने तक रिंग रोड का निर्माण कार्य रोकने की मांग की।
बड़ी संख्या में किसान भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय महासचिव धर्मेंद्र चौधरी के नेतृत्व में तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए। धर्मेंद्र चौधरी का कहना था कि किसानों की जमीन को जबरन अधिग्रहीत किए जाने के बावजूद सरकार ने उन्हें सर्किल दर के हिसाब से मुआवजा नहीं दिया है। किसानों से वार्ता करने के लिए अधिकारियों के पास समय तक नहीं है। किसानों की जमीन पर बोई गई गेहूं, सरसों और आलू की फसल को जेसीबी के माध्यम से रौंद दिए जाने के बाद भी प्रशासन मुआवजा देने के लिए तैयार नहीं है। मुआवजे के साथ किसानों की जो फसल बर्बाद हुई है, उसका भी हर्जाना उनको मिलना चाहिए।
किसानों ने यमुना एक्सप्रेस वे के सर्विस रोड का दोबारा निर्माण कराकर उसे दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई। काफी देर धरना-प्रदर्शन के बाद एसडीएम मनीष कुमार और सीओ गोपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी वार्ता के लिए पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। धरना-प्रदर्शन में भाकियू भानू के प्रदेश सचिव राजकुमार प्रधान, प्रदेश सचिव मेंबर सिंह, हरिओम सिंह, भूदेव सिंह, श्यामवीर सिंह, चंदन सिंह, रामवीर सिंह, रनवीर सिंह, अतर सिंह, राम प्रताप सिंह, नारायण सिंह, दर्शन सिंह, हाकिम सिंह, मुरारी लाल, प्रेम सिंह, सोरन सिंह, हरिओम, बलवीर सिंह, राजेश, जल सिंह, पदम सिंह, विमलेश देवी, केशव देव, ओमवीर सिंह आदि शामिल रहे।