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Hathras News: परीक्षा से पहले सिस्टम की बदइंतजामियों ने लिया इम्तिहान

Sat, 31 Oct 2026 01:03 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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शहर के बागला कॉलेज रोड स्थित एक मार्केट में दुकानों के बाहर सोते पीईटी के अभ्यर्थी।  संवाद - फोटो : Samvad
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हाथरस। आंखों में सरकारी नौकरी का सपना और मन में कामयाबी की उम्मीद लेकर 400 किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर हाथरस पहुंचे हजारों अभ्यर्थियों का प्रारंभिक अर्हता परीक्षा से पहले सिस्टम की बदइंतजामियों ने इम्तिहान लिया। परीक्षा देने आए युवाओं के लिए बृहस्पतिवार की रात किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रही।
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ठहरने के इंतजाम न होने और रुक-रुककर हुई बारिश के बीच किसी ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर रात गुजारी, तो किसी ने बंद दुकानों के तख्तों और मार्केट की सीढ़ियों को अपना ठिकाना बनाया। पतली शॉल और चादरों में सिमटे युवा ठंड से कांपते हुए सुबह होने का इंतजार करते रहे।
जिले के 16 परीक्षा केंद्रों पर करीब 13 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। इनमें लगभग छह हजार परीक्षार्थी रायबरेली, कानपुर, फर्रुखाबाद और दिल्ली समेत दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचे थे। परीक्षा में देरी और ट्रेन छूटने की आशंका के चलते अधिकांश अभ्यर्थी बृहस्पतिवार देर रात ही शहर आ गए। हालांकि, शहर के होटल और लॉज पहले से भरे होने या महंगे होने के कारण उन्हें ठिकाना नहीं मिला।
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नगर पालिका और जिला प्रशासन की ओर से रात्रि विश्राम के पर्याप्त इंतजाम भी नजर नहीं आए। ऐसे में हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल और दुकानों के टिनशेड ही उनका सहारा बने। रातभर ठंड और बारिश के बीच जागने के बाद शुक्रवार सुबह अभ्यर्थी थकी आंखों के साथ परीक्षा केंद्रों की ओर रवाना हुए।

परीक्षा के आंकड़ों पर एक नजर
16 — कुल परीक्षा केंद्र बनाए गए पीईटी के लिए जिले में
13,152 — अभ्यर्थी पंजीकृत थे परीक्षा में
8,584 — अभ्यर्थी रायबरेली, कानपुर, फर्रुखाबाद, दिल्ली, अलीगढ़ आदि शहरों से पहुंचे हाथरस।
400 — किमी रायबरेली से हाथरस तक का लंबा और थकाऊ रेल व बस का सफर।



थकान के बाद फर्श पर गुजारी रात
हम रायबरेली से करीब 400 किमी की यात्रा करके सुबह तीन बजे हाथरस सिटी स्टेशन पहुंचे थे, ताकि सुबह परीक्षा केंद्र पहुंचने में कोई चूक न हो। यहां रुकने के लिए कोई सरकारी शेल्टर या रैन बसेरा नहीं दिखा। रात में बूंदाबांदी शुरू हुई तो ठंडक बढ़ गई। पूरी रात नींद नहीं आई, अब इसी सिरदर्द और थकान के साथ परीक्षा में बैठना पड़ेगा।
-पुष्पेंद्र यादव, रायबरेली।


रायबरेली से बस पकड़कर हाथरस आए। होटल वाले मनमाना किराया मांग रहे थे, जो हमारे जैसे बेरोजगार युवाओं के बस की बात नहीं है। नगर पालिका या प्रशासन की तरफ से कोई अस्थायी व्यवस्था नहीं की गई थी। बाजार बंद होने के बाद एक दुकान के आगे बारिश की फुहारों के बीच टिनशेड के नीचे बैठकर रात काटी।
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-अवनीश द्विवेदी, रायबरेली।
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