जानकारी देते जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार भारद्वाज व अन्य।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार भारद्वाज 23 सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन करेंगे। उन्होंने शनिवार को बार हॉल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्री भारत सरकार भी को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि वह जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष हैं। उन्होंने कई मांगें की हैं, लेकिन आज तक यह मांगें पूरी नहीं हुई हैं। ऐसे में वह मजबूरन 18 अप्रैल को जिला सत्र न्यायालय परिसर में आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण को वर्तमान स्थान से हटाकर अन्य स्थान पर फिलहाल भेजने से रोका जाए। भविष्य में जनपद न्यायालय परिसर में रिक्त पड़े भवनों में स्थापित किया जाए। फर्जी वकीलों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराके कार्रवाई की जाए।
सभी थानों में अनुचित प्रभाववश अधिवक्ताओं के विरुद्ध की जा रही एफआईआर को रोका जाए। किसी भी अधिवक्ता के विरुद्ध मुकद्दमा दर्ज होने से पहले उसकी उच्च स्तरीय जांच कर आगामी कार्रवाई सत्यता के आधार पर बार को संज्ञान में लेकर की जाए। उन्होंने मांग की है कि सत्र न्यायालय में ई-कोर्ट इलाहाबाद के माध्यम से ई लाइब्रेरी सॉफ्टवेयर यथाशीघ्र चालू कराया जाए। न्यायालय परिसर में सरकारी कैंटीन यथाशीघ्र स्थापित की जाए, जिसमें साबुन, तेल, शैंपू, इलेक्ट्रॉनिक सामान उचित दरों पर मिल सके। उन्होंने कहा कि सत्र न्यायालय परिसर में उप डाकघर में आज तक सभी सुविधाएं पोस्टमास्टर जनरल लखनऊ उत्तर प्रदेश के आदेश के बावजूद प्रारंभ नहीं हुई हैं। उन्होंने सत्र न्यायालय दाऊजी मंदिर परिसर में आउटसोर्सिंग पर तैनात एक सफाई कर्मचारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने और उसकी तनख्वाह की रिकवरी कराए जाने की मांग की है। सभी न्यायालयों में टूटी मेज और कुर्सी उठवाए जाने व छोटी मेज लगाकर उसकी क्षमता के अनुसार नई कुर्सियां रखवाए जाने, यूजर सुलभ शौचालय दो जगह स्थापित कराए जाने व बंद पड़े शौचालयों को चालू कराने की मांग की है। इस मौके पर बार के सचिव पवन कुमार सर्मा, दुर्बेश खान, रवेंद्रपाल सिंह, मुकेश चतुर्वेदी, भोलू शर्मा आदि थे।