पांच सूत्रीय मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, प्रदेश में वर्षों से कार्यरत संविदा-मानदेय सहित वेतनमान एवं आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का नियमीतीकरण होने व न्यूनतम वेतन दस हजार प्रतिमाह, राज्य में निजीकरण, संविदा समाप्त की जाए तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती पर लगी रोक हटाई जाने की मांग है।
आंगनबाड़ी संयुक्त सघर्ष संचालन समिति उत्तर प्रदेश के द्वारा जारी किए गए प्रपत्र के अनुपालन इस संगठन की जिलाध्यक्ष आशा दीक्षित ने 12 मार्च को प्रस्तावित विधानसभा घेराव करने और उनकी पांच सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए अधिक से अधिक आंगनबाड़ी को लखनऊ पहुंचने की अपील की है।
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पांच सूत्रीय मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, प्रदेश में वर्षों से कार्यरत संविदा-मानदेय सहित वेतनमान एवं आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का नियमीतीकरण होने व न्यूनतम वेतन दस हजार प्रतिमाह, राज्य में निजीकरण, संविदा समाप्त की जाए तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती पर लगी रोक हटाई जाने की मांग है।
साथ थी ही मांग की है कि प्रदेश में 2023-24 की स्थानांतरण की नीति में प्रस्तर-12 में संगठन के निर्वाचित पदाधिकारियों के स्थानातरण संबंधी लोकतंत्र विरोधी परिवर्तनों को वापस लेकर इसे पूर्व की भांति ही रखा जाए।