निराश्रित गोवंश न केवल किसान की फसल के दुश्मन बने हुए हैं, बल्कि लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इन गोवंश की वजह से कई लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं और घायल भी हो चुके हैं। वादों के बावजूद शासन और प्रशासन के नुमाइंदे इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पाए हैं।
जिले में निराश्रित गोवंश का आतंक है। यह गोवंश किसानों की फसलों में घुस जाते हैं और नष्ट कर देते हैं। निराश्रित गोवंश के कारण किसानों को फसलों की पहरेदारी करनी पड़ती है। किसानों को डर सताता है कि अगर वह फसल छोड़कर घर गए तो कहीं निराश्रित गोवंश खेत मेें न घुस जाएं और फसल न नष्ट न कर दें। इसके साथ ही निराश्रित गोवंश के चलते लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है।
निराश्रित गोवंश सड़क पर हादसों का सबब बन रहे हैं। आए-दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। ताजा मामला मथुरा रोड पर गांव दर्शना के निकट का है। यहां निराश्रित गोवंश से बाइक टकराने से बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। तीनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। पूर्व में भी निराश्रित गोवंश के कारण लोग सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं।
केस 01
निराश्रित गोवंश की टक्कर से घायल पुलिसकर्मी की मौत
आठ दिसंबर 2022 को सासनी क्षेत्र के पराग डेयरी के निकट एक बाइक निराश्रित गोवंश से टकरा गई थी। हादसे में बाइक सवार पुलिसकर्मी घायल हो गया था। पुलिस कर्मी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
केस02
गड्ढे में घुसी कार, एक की मौत, दो घायल
12 अप्रैल को सादाबाद क्षेत्र के मुरसान रोड पर गोलपुरा के निकट कार निराश्रित गोवंश से टकराकर गड्ढे में जा गिरी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग घायल हो गए थे।