उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहरलाल कोरी ने कहा कि श्रम विभाग में मजदूरों का पंजीकरण कराया जा रहा है। मजदूरों का पंजीकरण होने के बाद उसका लाभ मजदूर ही नहीं, बल्कि उसके परिजनों को भी मिलता है। मजदूर के घर बेटी होने पर उन्हें 15 हजार रुपये की धनराशि सरकार की तरफ से दी जा रही है। मजदूर यदि अपना पंजीकरण नहीं कराता है वह सरकार से मिलने वाली किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इससे उनके सामने समस्याएं भी आती हैं।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री बुधवार को यहां दाऊजी मेला में बुनकर सम्मेलन में शामिल होने आए थे। वह सदर विधायक हरीशंकर माहौर के आवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। कुछ फैक्ट्रियों के संचालक मजदूरों का पंजीकरण नहीं कराते हैं, के प्रश्न पर उन्होंने कहा यह गलती फैक्ट्री संचालकों की है, न की श्रम विभाग की। श्रम विभाग तो यह चाहता है कि मजदूरों के अधिक से अधिक पंजीकरण हों। श्रमिकों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाए जाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाये जाते हैं। जो फैक्ट्री संचालक श्रमिकों का पंजीकरण नहीं कराते हैं, विभाग द्वारा उनके यहां छापे मारे जाते हैं और उन पर कार्रवाई की जाती है।
एक सूत फैक्ट्री में काम करते समय मजदूर का हाथ कट गया, इसकी शिकायत श्रम विभाग में की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके जवाब में श्रम मंत्री ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि कोई लिखित में शिकायत करता है तो कार्रवाई करवाई की जाएगी। फैक्ट्री एक्ट के तहत यदि मजदूरों का पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि हाथरस जिले में यदि फैक्ट्री संचालक बाल मजदूरी करा रहे हैं या मजदूरों का पंजीकरण नहीं कराया है तो इसकी शिकायत करें। वह सभी पर कार्रवाई कराएंगे। इस मौके पर विधायक हरीशंकर माहौर, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गौरव आर्य, संजय सक्सेना, हरीशंकर राना, भूरा पहलवान, रामकुमार वर्मा, सुमित शर्मा, विशाल गुप्ता, ज्ञानेंद्र शर्मा, हरी वार्ष्णेय, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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