हाथरस/सासनी। वाणिज्य कर विभाग मथुरा और अलीगढ़ की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) और मोबाइल टीम ने संयुक्त रूप से सोमवार को सासनी में एक बड़ी सरिया मिल में छापा मारा। दोनों टीमों ने करीब दो घंटे तक मिल में रुक कर इसके स्टाक और लेबर के रिकार्ड का सर्वे किया और जांच के लिए इनके रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिए। टीम ने यह कार्रवाई मिल में टैक्स चोरी की सूचना पर की थी। कार्रवाई से मिल मालिकों में खलबली मची रहा।
सोमवार की दुपहर को मथुरा और अलीगढ़ के वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों की टीम बालाजी कोनकास्ट प्राइवेट लिमिटेड नामक इस फर्म पर पहुंची। टीम में अलीगढ़ के संयुक्त आयुक्त एसआईबी लाखन सिंह, उपायुक्त एसआईबी यूबी यादव व वीपी राम, मथुरा के वाणिज्य कर अधिकारी एसआईबी एसएन यादव, अलीगढ़ के एसी मोबाइल सतेंद्र सिंह, गंगाराम व रामआसरे शामिल थे। इन अधिकारियों ने सरिया मिल में पहुंचकर पहले उसके स्टाक की बारीकी से जांच की। उसके स्टाक का पूरा रिकार्ड दर्ज किया और फैक्ट्री में उपलब्ध कच्चे माल की आवक और उत्पादन व डिलीवरी से संबंधित अभिलेख भी देखे। इसके अलावा टीम ने मिल में काम कर रही लेबर का भी ब्यौरा दर्ज किया। लेबर का उपस्थिति रिकार्ड और उससे अनुमानित उत्पादन का भी पूरा लेखा-जोखा दर्ज किया। टीम ने कुछ अभिलेख तो जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए हैं, जबकि बाकी अभिलेखाें के साथ मिल मालिकों को अलीगढ़ तलब किया है। एसआईबी टीम इस रिकार्ड की जांच करके यह देखेगी कि मिल मालिक अपने रिटर्न में उत्पादन और खरीद-बिक्री का जो ब्यौरा पेश कर रहे हैं, वह वाकई में सही है या नहीं। इसका अनुमान मिल में मिले स्टाक से लगाया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग के सघन सर्वे से मिल में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मिल के टर्न ओवर के बारे में मालिकों का भी बयान दर्ज किया है। सीटीओ एसआईबी एसएन यादव का कहना है कि अभी टीम मिल के अभिलेखों से वहां उपलब्ध स्टाक का मिलान करेगी और यह पता करेगी कि क्या मिल मालिक अपने रिटर्न में सही स्टाक दिखा रहे हैं या नहीं। दरअसल, विभाग को शिकायत मिल रही थी कि मिल का उत्पादन रिकार्ड में दिखाए जा रहे उत्पादन से ज्यादा है, जिससे यहां बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। इसी शिकायत पर यह सर्वे किया गया है।