हाथरस। वेतन संकट से जूझ रहे सिंचाई विभाग के कर्मियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। अधिकारियों के अड़ियल रवैये से नाराज कर्मियों ने रबी फसल की जमाबंदियों की रवानगी का बहिष्कार कर दिया है, जिससे विभागीय राजस्व की वसूली पर ब्रेक लग जाएगा। कर्मियों ने समस्याओं का समाधान न होने तक जमाबंदी का बहिष्कार जारी रखने का ऐलान किया है और कहा है कि अगर फिर भी उनकी समस्याएं नहीं निपटीं तो वह सिंचाई खंड के दफ्तरों में तालाबंदी कराने को मजबूर हो जाएंगे। कर्मचारी नेता इस सिलसिले में डीएम की गैर मौजूदगी में कलक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर ऋतु शर्मा से भी मिले और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। डिप्टी कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि उनकी समस्याएं जल्द दूर कराने के प्रयास होंगे। सिंचाई अफसरों की मनमानी से खंड के ढाई सौ से ज्यादा कर्मियों का वेतन पचड़े में फंस गया है। डीएम ने तो मनरेगा के पैसे का हिसाब न देने पर एक्सईएन व तीनों एई का वेतन रोका था और इनका वेतन काटते हुए ही संशोधित बिल ट्रेजरी को भिजवाने का निर्देश दिया था, लेकिन अपने चक्कर में अधिकारियों ने अभी तक कर्मियों के संशोधित वेतन बिल भी ट्रेजरी नहीं भिजवाए हैं और अपनी करतूतों का खामियाजा कर्मियों को भुगतने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वेतन के लिए सिंचाई संघ ने जब पिछले दिनों एक्सईएन को आंदोलन का नोटिस दिया तो एक्सईएन ने दफ्तर आना ही बंद कर दिया, जिससे कर्मियों की दिक्कत और बढ़ गई हैं। अधिकारियों की हिटलरशाही से कर्मियों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। कर्मियों ने सोमवार को फसली जमाबंदियों का बहिष्कार कर दिया है। गौरतलब है कि हर फसली सीजन के बाद सिंचाई विभाग से जमाबंदियों का रिकार्ड तैयार करके तहसीलों को भेजा जाता है, जिसके आधार पर सिंचाई की आवपासी की वसूली होती है, लेकिन जमाबंदी न जाने से अब यह वसूली नहीं हो पाएगी। कर्मियों ने इस बारे में एक्सईएन को एक बार फिर नोटिस भेजा है, जिसमें कहा है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याएं नहीं निपटीं तो वह और उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे। नोटिस पर अध्यक्ष रामकिशन शर्मा, मंत्री हरीश कुमार शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, रोहित शर्मा, उमाशंकर, वीरेंद्र सिंह, अभिषेक उपाध्याय, मनोज कुमार आदि कर्मचारी नेताओं के हस्ताक्षर हैं।