हाथरस। शासनादेश को ताक पर रखकर राशन डीलर की नियुक्ति करना सिकंदराराऊ के तत्कालीन उपजिलाधिकारी को महंगा पड़ गया है। मंडलायुक्त ने लंबी सुनवाई के बाद हसायन ब्लॉक के गांव फुलरई में राशन डीलर की नियुक्ति को निरस्त कर दिया है और शासनादेश का उल्लंघन करने के लिए सिकंदराराऊ में एसडीएम रहे एसपी शर्मा (वर्तमान तैनाती हरदोई) के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिख दिया है। कमिश्नर के आदेश की कापी आपूर्ति विभाग को भी मिल गई है। कार्रवाई से जिला प्रशासन में खलबली मच गई है।दरअसल, करीब डेढ़ साल पहले एसडीएम सिकंदराराऊ ने शिकायत के आधार पर गांव फुलरई की राशन डीलर मुन्नी देवी की दुकान निलंबित कर दी थी और उनकी जगह श्रीमती गुड्डी देवी को फुलरई का नया राशन डीलर नियुक्त किया था। मुन्नी देवी ने इस कार्रवाई को शासनादेशों के विपरीत बताते हुए इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की थी, लेकिन वहां से भी उन्हें न्याय नहीं मिला। मुन्नी देवी ने इस कार्रवाई के खिलाफ कई ठोस साक्ष्य पेश किए, लेकिन उन पर भी गौर नहीं किया गया। बाद में मुन्नी देवी ने इस मामले में मंडलायुक्त अलीगढ़ के यहां याचिका दायर की। लंबी सुनवाई के बाद मंडलायुक्त ने इस मामले में पिछले दिनों फैसला सुना दिया, जिसमें श्रीमती गुड्डी देवी की राशन डीलर फुलरई के पद पर नियुक्ति को शासनादेश में दिए गए निर्देशों के विपरीत बताते हुए उनकी दुकान को निरस्त कर दिया है।
कमिश्नर ने इस मामले में तत्कालीन एसडीएम सिकंदराराऊ सत्यप्रकाश शर्मा की भूमिका को भी गलत ठहराया है और उनके खिलाफ शासन से कार्रवाई की सिफारिश की है। गुड्डी देवी की निरस्त की गई दुकान के सभी राशन कार्ड और यूनिटों को पूर्व निलंबित डीलर मुन्नी देवी में समायोजित कर दिया गया है। डीएसओ दीपक कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि मंडलायुक्त कार्यालय से राशन की दुकान के निरस्तीकरण का आदेश उनके कार्यालय को मिल चुका है, जिसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।