लोक अदालत के दौरान नौ मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 5190000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 46 सिविल वाद, 54 पारिवारिक वाद, 256 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 144000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। धारा 138 एनआई एक्ट के 11 और 22124 राजस्व वादों का निस्तारण हुआ।
हाथरस जनपद न्यायालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 13 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश सतेंद्र कुमार ने इसका शुभारंभ किया। वर्तमान वर्ष की इस द्वितीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के 41153 वादों का निस्तारण किया गया।
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लोक अदालत के दौरान नौ मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 5190000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 46 सिविल वाद, 54 पारिवारिक वाद, 256 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 144000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। धारा 138 एनआई एक्ट के 11 और 22124 राजस्व वादों का निस्तारण हुआ।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के आठ एवं 5885 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 899680 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। वहीं प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंक व विद्युत के कुल 12774 मामलों का निस्तारण कर 28930965 रुपये में समझौता दाखिल किया गया। 14 वादों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत के माध्यम से हुआ। 02 आरबीट्रेशन वादों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायाधीश सतेंद्र कुमार के न्यायालय से 12 सिविल वादों और 19 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 5000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रविन्द्र कुमार-चतुर्थ के न्यायालय से कुल 53 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जनपद न्यायाधीश प्रशांत कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया।