लोक अदालत में 27 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 19244000 रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 41 सिविल वाद, 49 पारिवारिक वाद, 22 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 68000 रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किए गए।
हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रभारी जनपद न्यायाधीश महेन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुआ। वर्तमान वर्ष की इस द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 25593 वादों का निस्तारण हुआ।
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लोक अदालत में 27 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 19244000 रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 41 सिविल वाद, 49 पारिवारिक वाद, 22 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 68000 रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किए गए। 8 वाद धारा 138 एनआई एक्ट, 13226 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। 25 वाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं 3392 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 497430 रुपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किए गए।
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प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंक व विद्युत के कुल 8787 मामलों का निस्तारण कर 61735661 रूपये में समझौता दाखिल किया गया। 11 वादों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत हाथरस के माध्यम से किए गए। इसके अलावा तहसील स्तर पर सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार के न्यायालयों में विभिन्न प्रकृति के कई मुकदमों का निस्तारण हुआ।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सुबह से फरियादियों का आना शुरू हो गया था। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों की अन्य न्यायालयों में सुनवाई नहीं की जाती है। इस मोके पर सभी का आभार व्यक्त किया।