आलू की खोदाई का कार्य क्षेत्र में अभी जारी है, लेकिन क्षेत्र के शीतगृहों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लगना शुरू हो गए हैं। इससे किसान मुश्किल में पड़ गए हैं।
अभी जिन शीतगृहों में भंडारण की गुंजाइश है, वहां आलू से भरे ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की कतारें लगी हुई हैं। ऐसे में इनके भी जल्द फुल होने की संभावना है। किसानों को डर सता रहा है कि कहीं उनकी उपज पहुंचने से पहले ही शीतगृह फुल न हो जाएं।
आलू की पैदावार के लिए मशहूर सादाबाद क्षेत्र में आलू की खोदाई का कार्य चल रहा है। क्षेत्र में लगभग 80 फीसदी से अधिक आलू की खोदाई का कार्य पूरा हो चुका है। शेष 20 फीसदी आलू खोदाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। किसान को इस बार बेहतर भाव मिलने की भी उम्मीद है। ऐसे में उपज को शीतगृहों में रखने का सिलसिला तेजी से चल रहा है।
कोल्ड स्टोरों में आलू भंडारण का कार्य फरवरी माह से ही शुरू हो गया था। क्षेत्र के काफी किसानों ने अपनी उपज शीतगृहों में भंडारित भी कर दी है, लेकिन अभी भी लगभग 20 फीसदी किसानों का आलू खुदना बाकी रह गया है, लेकिन इससे पहले ही क्षेत्र में शीतगृह हाउसफुल होना शुरू हो गए हैं। शीतगृहों पर लगे हाउसफुल के बोर्ड देखकर अपना आलू भंडारित कराने पहुंच रहे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। कई शीतगृह संचालकों का कहना है कि जो अच्छे व पुराने कोल्ड स्टोर हैं, वह निश्चित रूप से हाउसफुल हो गए हैं।