त्तविहीन स्कूल वालों के अरमान पर एक बार फिर पानी फिर गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने भी जिले के लिए 155 परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी है। इससे पूर्व मंडलीय परीक्षा समिति से अनुमोदन के बाद यह सूची परिषद को भेजी गई थी, जिसके बाद भी अपने स्कूलों को सेंटर बनवाने का मंसूबा पाले बैठे वित्तविहीन स्कूलों के संचालक पूरा जोर लगाए हुए थे, लेकिन मेरठ से भी जिला परीक्षा समिति को ही मान्यता दी गई, जिसके बाद माफियायों के मंसूबों पर भी पानी फिर गया है।
हालांकि उन्होंने आस अभी भी नहीं छोड़ी है। अपने स्कूल को सेंटर बनवाने की खातिर वह अब लखनऊ के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि लखनऊ में अगर जुगाड़ सही बैठ गई तो उन्हें सफलता मिल सकती है।
गौरतलब है कि नवंबर में डीएम की अध्यक्षता में बनी जिला परीक्षा समिति ने 155 यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की थी। यह संख्या पिछले साल के 136 परीक्षा केंद्रों के मुकाबले 19 ज्यादा थी, जबकि परीक्षार्थियों की संख्या पिछले साल के मुकाबले करीब छह हजार कम हो गई थी।
बावजूद इसके कई वित्तविहीन स्कूल संचालक अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए जोर लगाए हुए थे। मंडलीय समिति ने भी जिले की सूची में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे हरी झंडी दे दी और परिषद को भेज दिया, जिसके बाद वित्तविहीन स्कूल संचालकों ने वहां से भी अपने स्कूल को परीक्षा केंद्र बनवाने के लिए जुगाड़ और सिफारिशें लगवाईं, लेकिन वहां भी उन्हें कामयाबी नहीं मिली।
अब परिषद ने भी जिला परीक्षा समिति की सूची पर अंतिम मोहर लगाकर उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है।
परिषद ने भी जिला परीक्षा समिति की परीक्षा केंद्रों की सूची को फाइनल कर दिया है। अब यह सूची शासन को भेज दी गई है।
- जेके मलिक, डीआईओएस हाथरस