हाथरस में मुरसान क्षेत्र के गांव नगला अनी व जटोई के निकट कुछ जानवरों ने रजवाहा की पटरी को खोखला कर दिया। जिसके चलते जगह-जगह रजवाहा की पटरी में छेद हो गए। जैसे ही रजवाहा में पानी आया , तो पटरी की मिट्टी का काफी हिस्सा कट गया। जिससे रजवाहा का पानी खेतों में भर गया। जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
हाथरस में मुरसान क्षेत्र के गांव नगला अनी व जटोई के निकट रजवाहा की पटरी कट जाने के कारण किसानों की आलू, गेहूं, सरसों आदि की करीब डेढ़ सौ बीघा फसल जल मग्न हो गई। रजवाहा की कटी हुई पटरी को बंद कर किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। किसानों ने प्रशासन से खराब हुई फसल के मुआवजे के लिये गुहार लगाई है।
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गांव नगला अनी के रहने वाले देवराज सिंह, राजवीर, उमाशंकर, पुष्पेंद्र, विजय, राजू, सुरेश, महेश, रमेश, फूलवती आदि किसानों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले उनके खेत के निकट रजवाहा की जेसीबी मशीन के द्वारा सफाई की गई थी। इसके बाद 29 नवंबर की देर रात को रजवाहा में पानी छोड़ा गया।
कुछ जानवरों ने रजवाहा की पटरी को खोखला कर दिया। जिसके चलते जगह-जगह रजवाहा की पटरी में छेद हो गए। जैसे ही रजवाहा में पानी आया , तो पटरी की मिट्टी का काफी हिस्सा कट गया। जिससे रजवाहा का पानी खेतों में भर गया। जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। 30 नवंबर की सुबह जैसे ही किसान अपने खेतों की देखभाल करने के लिए पहुंचे, तो वहां पर खेतों में पानी भरा हुआ देख चकित रह गए। जिसके चलते काफी संख्या में किसान एकत्रित हुए और रजवाहा की पटरी को ठीक करने में लग गए।