हरदोई। मनरेगा में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाना शासन के लिए चिंता का विषय बन चुका है। मनरेगा से होने वाले कार्यों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रयास हो रहे हैं। अब जिन कार्यों पर महिलाओं की संख्या अधिक हैै, वहां कार्य की निगरानी और पर्यवेक्षण को महिला मेट की नियुक्ति होगी।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से गांवों में होने वाले कार्यों पर महिला मजदूरों को बढ़ावा देने के लिए जोर दिया जा रहा। मनरेगा में महिलाओं को काम देकर उनके आर्थिक स्तर को बढ़ाने की बात कही जा रही है। लेकिन मनरेगा कार्यों पर महिलाओं की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा। जिसको लेकर शासन के अधिकारी भी चिंतित हैं।
मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाली महिलाओं का जनपद में प्रतिशत महज 19 प्रतिशत है। अब महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए मनरेगा के कार्य पर महिला प्रतिनिधित्व का फैसला लिया गया।
मनरेगा के अंतर्गत 100 मजदूरों पर एक मेट की नियुक्ति की जाती है लेकिन जनपद में महिलाओं की संख्या एक काम पर 100 होना बहुत मुश्किल है। अपर आयुक्त मनरेगा पिंकी जोवल ने बताया कि जिन गांवों में होने वाले कार्यों में महिलाओं की संख्या अधिक है वहां कार्य के पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए महिला मेट की नियुक्ति होगी। महिला मेट होने से गांव की अन्य महिलाओं में काम के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।