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Hardoi News: तिहरे हत्याकांड में वादी समेत गवाह बयानों से मुकरे

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हरदोई। टड़ियावां थाना क्षेत्र में पांच साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में दोनों पक्षों की गवाही पूरी हो गई है। सरकारी गवाहों को छोड़कर वादी समेत सभी गवाह अपने बयानों से मुकर गए है। न्यायालय ने इन्हें पक्षद्रोही घोषित कर दिया है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) सुनील कुमार सिंह कर रहे हैं।
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टड़ियावां थाना क्षेत्र के कुआमऊ गांव के पास हुलासी बगिया आश्रम है। यहां रहने वाले बाबा हरिदास (70), उनकी शिष्या मीरादास (65) और पुत्र नेतराम (35) की 31 अगस्त 2020 की रात ईंटों से कूचकर हत्या कर दी गई थी। एक सितंबर 2020 को बरुआर निवासी ओम शंकर ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मझिला थाना क्षेत्र के रौतापुर निवासी बाबा के कथित शिष्य रक्षपाल ने तीनों की हत्या की जानकारी ग्रामीणों को दी थी। दो सितंबर को पुलिस ने रक्षपाल से पूछताछ की थी।
इस पर रक्षपाल ने बताया था कि वर्ष 2019 से बाबा के संपर्क में था। बाबा ने आश्रम की कोई जमीन उसे बटाई पर दी थी। यह जमीन रक्षपाल हड़पना चाहता था। इसकी जानकारी रक्षपाल ने पिहानी कोतवाली क्षेत्र के बंदरहा निवासी राजीव सिंह को भी दी थी। राजीव ने ट्रस्ट बनाने की सलाह देते हुए फर्जी वसीयत बनवाने की भी सलाह दी थी। योजना के अनुसार बाबा हरिदास व उनके बेटे नेतराम का अंगूठा लगवाकर फर्जी वसीयत रक्षपाल ने अपने नाम करा ली थी। इसी बीच बाबा ने अपनी संपत्ति की वसीयत मीरादास के नाम कर दी थी।
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इससे नाराज होकर 31 अगस्त 2020 की रात रक्षपाल ने सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया गांव निवासी सफीक व कोतवाली शहर के नीरबहर निवासी साले संजय के साथ तीनों की हत्या कर दी थी। पुलिस ने रक्षपाल, राजीव, संजय, सफीक और हरीराम को जेल भेजा था। इनमें से सफीक को छोड़कर बाकी सभी की जमानत हो चुकी है। सुनवाई के दौरान सरकारी गवाहों को छोड़कर वादी समेत सभी गवाह अपने बयानों से मुकर गए हैं। इन लोगों ने घटना के समय पुलिस को दिए गए बयानों के उलट बयान दिए हैं।
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