हरदोई। डीएम की सख्ती और मनरेगा उपायुक्त के निर्देशों के बाद भी खंड विकास अधिकारियों की लापरवाही से शासनादेश की अनदेखी हो रही है। भरखनी विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलसर हरसेन की ग्राम प्रधान के पति की फर्म को ही जिम्मेदारों ने न सिर्फ काम दे दिया, बल्कि इसका भुगतान भी कर दिया।
ग्राम्य विकास विभाग का स्पष्ट शासनादेश है, इसमें उल्लेख है कि पंचायत राज विभाग और मनरेगा से कराए जाने वाले कार्याें को पंचायत प्रतिनिधियों या उनके परिजनों की फर्माें से न कराया जाए। अप्रैल 2022 में जारी हुए इस शासनादेश को जनपद के पंचायत प्रतिनिधियों ने गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह कि आए दिन नए मामले सामने आ रहे हैं।
माधौगंज में ब्लाक प्रमुख के बेटे की फर्म को भुगतान और ग्राम पंचायत अधिकारी के भाई की फर्म को भुगतान किए जाने के मामले सामने आने पर डीएम एफआईआर से लेकर अफसरों के निलंबन तक की कार्रवाई कर चुके हैं। अब ऐसा ही एक मामला भरखनी विकास खंड की ग्राम पंचायत बिलसर हरसेन में सामने आया है। यहां की ग्राम प्रधान माधुरी देवी हैं।
उनके पति श्याम सिंह ने मनरेगा के तहत गांव में कराए गए विकास कार्याें में सामग्री की आपूर्ति की और इसके बाद जिम्मेदारों ने आंखे बंद कर उनकी फर्म को भुगतान भी कर दिया। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में ग्राम प्रधान के पति की फर्म को अब तक तकरीबन छह लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
यह भुगतान इंटरलॉकिंग मार्ग के निर्माण समेत अन्य कार्याें में सामग्री की आपूर्ति के लिए किया गया है। इसके अलावा अभी उनका काफी भुगतान होना बाकी है। मतलब यह कि उन्हें शासनादेश की अनदेखी कर काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जाहिर सी बात है पूरे मामले में ब्लाक स्तर के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी नियमों की अनदेखी की है।
पत्नी माधुरी ग्राम प्रधान हैं। हमारी फर्म को जो भुगतान हुआ है वह पुराना है। लगभग सात माह पहले फीड कराए गए बिलाें का भुगतान किया गया है। शासनादेश के बारे में विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों ने नहीं बताया। अगर पता होता तो अपनी फर्म पर भुगतान न लेते, किसी दूसरे की फर्म पर काम कर लेते।
श्याम सिंह, प्रधानपति और फर्म संचालक
मैं स्पष्ट कह चुका हूं कि गलत मंशा से किए जाने वाले कार्य और शासनादेश का उल्लंघन किसी हाल में बर्दाश्त नहीं करूंगा। मेरे भी संज्ञान में प्रधानपत्नी के पति की फर्म को भुगतान करने का मामला आया है। मनरेगा उपायुक्त से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
एमपी सिंह, डीएम