सुरसा (हरदोई)। सुरसा थाना क्षेत्र के गांव उदरा नेवालिया में विवाह वाले घर में मंगलवार की सुबह आग लग गई। आग की चपेट में आकर विवाह के लिए रखे सामान के साथ गृहस्थी का भी सामान राख हो गया। साथ ही तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। आग लगने की इस घटना से घर में विवाह की खुशियां फीकी पड़ गईं। वहीं, मंगलवार को ही बेटी के विवाह की बात चलते ही गांव वाले मदद के लिए आगे आ गए। किसी ने आर्थिक सहायता की तो किसी ने अन्य इंतजाम में मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया। देखते ही देखते गांव वाले बारात के स्वागत की तैयारियाें एवं व्यवस्थाओं में जुट गए।
गांव उदरा नेवालिया निवासी राजकपूर की बेटी पिंकी का मंगलवार को विवाह की तिथि तय थी। बडऊआ गांव से बारात आनी थी। घर में विवाह की तैयारियां चल रही थीं। आज सुबह अचानक घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की चपेट में आकर कमरे की लकड़ी की धन्नी नीचे गिर गई। धन्नी व आग की लपटों की चपेट में आकर राजकपूर की छोटी बेटी मोहनी (5) और रिश्तेदार राधेश्याम की बेटी प्रिया (7) व रिश्तेदार रामचरन का बेटा सत्यवीर (12) गंभीर रूप से झुलस गए। इस बीच आग ने पूरे घर को चपेट में ले लिया।
इस पर गांव के लोग आग बुझाने में जुट गए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक घर में विवाह का सामान आदि जल चुका था। शाम को बारात आनी थी और सुबह यह हादसा हो जाने पर परिजनों के माथे पर चिंता की लकीरें उबर आईं। अब कैसे विवाह की तैयारी करें, इसकी चिंता में घर वालों की आंखों में आंसू छलक आए। यह देख गांव के लोगों ने समझाबुझाकर हौसला बढ़ाया और मदद में जुट गए। राजकपूर की बेटी की बारात का धूमधाम से स्वागत करने के लिए गांव वालों ने मदद के लिए हाथ बढ़ा दिए। इस बीच किसी ने आर्थिक सहायता की तो किसी ने अन्य इंतजाम में मदद की। गांव के कुच लोग बारात के स्वागत की तैयारियाें एवं व्यवस्थाओं में जुट गए। जानकारी मिली है कि मंगलवार की रात राजकपूर की बेटी का ब्याह विधि विधान से हो गया।