प्यास बुझाने के लिए घर से लाए पानी को पीते कर्मचारी।
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हरदोई। जिले भर के लोगों की प्यास बुझाने का इंतजाम करने वाला विकास भवन खुद इन दिनों पेयजल की किल्लत से जूझ रहा है। विकास भवन में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक को पीने के पानी की व्यवस्था खुद करनी पड़ रही है। वह अपने घरों से पानी लेकर आते हैं या फिर बोतल बंद पानी मंगवाकर पीते हैं। जबकि विकास भवन आने वाले फरियादियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
विकास भवन और डीआरडीए में 30 अधिकारी और 200 से अधिक कर्मचारियों का स्टाफ कार्यरत है लेकिन सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारियोें को अपनी पीने के पानी की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ती है। लगभग सभी जिला स्तरीय अधिकारी थरमस में पानी लाते हैं जबकि कर्मचारी भी अपने पीने के लिए पानी स्वयं लेकर आते हैं।
विकास भवन में पानी की किल्लत से सभी परेशान हैं। विकास भवन परिसर में हैंडपंप और वाटर कूलर लगे हैं। वह सब खराब हैं लेकिन उनको सही कराने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। पेयजल की किल्लत का सामना सबसे अधिक विकास भवन आने वाले फरियादियों को करना पड़ता है।
फरियादियों को पानी के लिए या तो कलक्ट्रेट तक दौड़ लगानी पड़ती है या फिर बोतल बंद पानी लेना पड़ता है, विकास भवन में लोगों को पेयजल की सबसे अधिक किल्लत होती है लेकिन तमाम आला अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है।जिला विकास अधिकारी उग्रसेन यादव ने बताया कि विकास भवन में पानी की किल्लत का मामला संज्ञान में है। हैंडपंपों को रिबोर कराने के निर्देश दिए गए हैं। वाटर कूलर को जल्द ठीक करवाकर उसे लोगों के चालू कर दिया जाएगा।