हरदोई। बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से बृहस्पतिवार को गंगा और रामगंगा नदी का पानी बढ़ा है, जबकि गर्रा नदी में पानी कम हुआ है।
गंगा और रामगंगा नदी में पानी बढ़ने से तहसील सवायजपुर और बिलग्राम क्षेत्र के कटियारी और कटरी क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों में पानी घुस गया है। गांवों में पानी घुसने से लोगों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। बाढ़ से करीब 1,500 हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई है और इससे फसलें प्रभावित होने लगी हैं। हादसों की आशंका पर उपकेंद्र पलिया से जुड़े 85 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई और 35 स्कूलों को बंद करा दिया गया है।
बिलग्राम प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील की गंगा नदी पर राजघाट के आसपास के क्षेत्र के मकान से रास्ते तक पानी से प्रभावित हो गए हैं। गांव में नाव से आवागमन किया जा रहा है। बुधवार शाम से पानी का बहाव तेज हो गया है। कटरी परसोला के मजरा उम्मीदपुरवा, रामेश्वरपुरवा, मक्कूपुरवा, रायसिंहपुरवा, रघुवीरपुरवा और मथुरापुरवा में पानी घुस गया है। इसी तरह कटरी बिछुइया का मजरा चिरंजूपुरवा, तिर्वाकुल्ली का गुलाबपुरवा, कटरी बिलुही का पुन्नापुरवा और जरेला गांव में पानी भर जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण घरों से निकल नहीं पाए। घरों में पानी भरने की सूचना पर तहसील प्रशासन ने रात में ही भोजन की व्यवस्था कराई।
उप जिलाधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि रात 850 लोगों से अधिक और बृहस्पतिवार को दिन में 1,100 से अधिक को भोजन का वितरण नाव से टीम के माध्यम से उनके घरों पर कराया गया है। आवागमन के लिए नावें लगाई गईं हैं। यहां पर करीब एक हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि योग्य भूमि बाढ़ का पानी बढ़ने से प्रभावित हुई है।
हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार, गंगा, रामगंगा नदी में बाढ़ से दोनों नदियों के बीच बसे गांव पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। अरवल क्षेत्र की सड़कों पर कई फीट पानी चलने से लोग जान जाेखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को थाना अरवल परिसर में पानी भर गया। पलिया से चंद्रमपुर तक डामर रोड, सांडी से श्रीमऊ व चौसर से अरवल समेत कई मार्गों पर कई-कई फीट पानी आ गया है। इससे यातायात प्रभावित हुआ है। चौसार व करनपुर में पानी के तेज बहाव से पुलियों के एप्रोच कटने का खतरा बढ़ गया है।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता जीएन सिंह, अवर अभियंता अवधेश गुप्ता व सत्येंद्र कुमार ने अरवल पहुंचकर पुलियां व मार्गों का जायजा लिया। सवायजपुर एसडीएम संजय अग्रहरि, प्रशिक्षु एसडीएम व कार्यवाहक तहसीलदार माधव उपाध्याय, नायब तहसीलदार राजेश कुमार ने अरवल क्षेत्र के गांवाें में बाढ़ पीड़ितों को खाना वितरित किया। खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बंद किए गए विद्यालय के शिक्षक अन्य विद्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
गर्रा में पानी कम हुआ है। गंगा और रामगंगा में पानी बढ़ने से तहसील सवायजपुर और बिलग्राम क्षेत्र के गांव प्रभावित हुए हैं। गांवों में आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था कराई गई है। वैसे तो बाढ़ से 26 गांव प्रभावित हुए हैं, लेकिन आबाद एक गांव शामिल है। एसडीएम और तहसीलदारों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और राहत-बचाव कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रभावित परिवारों को भोजन पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं। गर्रा में पानी कम होने से तहसील शाहाबाद व सदर के गांवों में अब हालात सामान्य हो गए हैं। -मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
गंगा और रामगंगा नदी के पानी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंगा नदी में बुधवार की अपेक्षा 15 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है और चेतावनी बिंदु 136.60 पार होकर 137.25 मीटर पर आ गया है। रामगंगा नदी का पानी 30 सेंटीमीटर बढ़ा है। रामगंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 से 70 सेंटीमीटर ऊपर 137.30 मीटर पर पहुंच गया है। गर्रा के पानी में 85 सेंटीमीटर की कमी आई है और पानी चेतावनी बिंदु 148.00 मीटर से 50 सेंटीमीटर नीचे 147.50 मीटर पर आया है। गर्रा नदी में दूनी बैराज से 0,494 क्यूसेक और गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 71,951, नरौरा बैराज से 1,15,180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।