मित्र पुलिस का क्रूर चेहरा फिर एक बार सामने आया, जब
भाई की मौत पर गमगीन परिवार के एक वारंटी को पुलिस रविवार की रात घर से
उठा लाई और हथकड़ी लगा उसे कोतवाली में एक खंभे से बांध दिया। जानकारी पर
पहुंचे प्रधान पति ने सोमवार को जब खाने के लिए उसकी हथकड़ी खुलवाने की
गुजारिश थाने के मुंशी से की तो उसने इंकार कर दिया।
थाने के मुंशी ने
कहा कि कोतवाल की इजाजत के बगैर हथकड़ी खोलना संभव नहीं, जिससे भाई की मौत
के गम में वारंटी ने एक हाथ से जैसे तैसे खाना खाया। मिली जानकारी के
अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के तेरिया भवानीपुर निवासी राधाकृष्ण मिश्रा के
भाई कन्हैया लाल का करीब तीन माह पहले दबंगाें से विवाद हो गया था।
आरोप है
कि दबंगों ने उसे लाठी-डंडों से मारापीटा, जिससे वह घायल हो गया। पीड़ित
ने घटना की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, जबकि
दबंगों की ओर से दोनों भाइयों के खिलाफ नामजद एनसीआर दर्ज हुई थी। घायल
कन्हैया लाल का सीएचसी मेें उपचार कराया था।
शुक्रवार को उनकी हालत बिगड़ने
पर परिजन सीएचसी ले गए जहां भर्ती न होने पर उसे निजी अस्पताल लेकर
पहुंचे। जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया था। परिजन अभी गमगीन थे।
इसी दौरान रविवार की रात करीब 12 बजे कोतवाली पुलिस ने राधाकृष्ण को 107/16
के तहत गैर जमानती वारंट के तहत घर पर छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान पति राम सिंह समेत गांव के कुछ प्रमुख लोग
सुबह कोतवाली पहुंचे और राधाकृष्ण का हाल लिया। उन्होंने कोतवाली के मुंशी
से कहा कि वह राधाकृष्ण के हाथ में लगी हथकड़ी कुछ देर के लिए खोल दे, ताकि
वह खाना खा ले, पर मुंशी ने बगैर कोतवाल की अनुमति के हथकड़ी खोलने से
इंकार कर दिया।
इस बाबत प्रधान पति ने बताया कि राधाकृष्ण के हाथ में लगी
हथकड़ी की रस्सी खंभे में बंधी थी। जिसके कारण वह एक हाथ से खाना खाने में
अपने को असहज महसूस कर रहे थे। उधर, कोतवाल अशोक तिवारी ने बताया कि गैर
जमानती वारंट पर राधाकृष्ण को गिरफ्तार किया है। दोपहर में उसका चालान कर
दिया गया।