भरावन। अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़िया मजरा परसा मोहद्दीनपुर में आंधी व बारिश के दौरान एक घर की पक्की दीवार ढह गई। जिसके नीचे बाहर बैठकर रामायण पाठ सुन रहे युवक, उसके पिता, चचेरे बाबा, मौसा व मामा दब गए। ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर सभी को बाहर निकला।
घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोगों ने अस्पताल में या अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचे।
ग्राम मढ़िया मजरा परसा मोहद्दीनपुर निवासी रामनरेश के बेटे रामेंद्र व शैलेंद्र का शुक्रवार को यज्ञोपवीत होना था। इसलिए बुधवार से घर के बाहर रामायण पाठ हो रहा था।
जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ रिश्तेदार भी शामिल थे। बुधवार देर शाम खाना खाने के बाद सभी लोग रामायण पाठ सुन रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी आ गई और बारिश होने लगी।
आंधी व बारिश के दौरान रामनरेश के घर बाहरी हिस्से की पक्की दीवार गिर गई। जिसके मलबे में दीवार के किनारे बैठा बेटा रामेंद्र (28), पिता रामनरेश उर्फ बड़क्के (50), चचेरे बाबा गोकरन नाथ (75), उसके मौसा राजेश (50) निवासी मंगूपुरवा कोतवाली बांगरमऊ जिला उन्नाव व मामा राज किशोर उर्फ मझिलके मिश्रा (55) निवासी कोरौली थाना बांगरमऊ दब गए।
घटना के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाकर पांचों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक राजेश की मौत हो चुकी थी। परिजन घायल रामेंद्र, उसके पिता रामनरेश, बाबा गोकरननाथ व मामा राजकिशोर उर्फ मझिलके को भरावन स्थित अस्पताल लेकर गए।
जहां इलाज के दौरान राजकिशोर उर्फ मझिलके की मौत हो गई। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों की सलाह पर परिजन रामेंद्र, उसके पिता रामनरेश व बाबा गोकरननाथ को जिला अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में गोकरननाथ की भी मौत हो गई।
घायल रामेंद्र व उसके पिता रामनरेश को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान रामेंद्र ने भी दम तोड़ दिया है। हादसे में चार लोगों की मौत होने से परिजनों में कोहराम मच गया।
इधर घटना की जानकारी मिलने पर देर रात एसओ संजीव शर्मा ने मौके पर पहुंच कर जांच की। सुबह एसडीएम मनोज श्रीवास्तव, सीओ महावीर सिंह व तहसीलदार अंबिका चौधरी ने भी मौके पर पहुंच कर जांच की और पीड़ित परिजनों को मदद का आश्वासन देकर ढांढस बंधाया। घटना के बाद पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा दिया है।
रामायण की चौपाइयां थमीं गूंजने लगा करुण क्रुंदन
अतरौली। ग्राम मढ़िया निवासी रामनरेश के चार बेटे व एक बेटी में रामेंद्र सबसे बड़ा था। रामेंद्र के साथ ही उसके भाई शैलेंद्र का शुक्रवार को यज्ञोपवीत संस्कार होना था। यज्ञोपवीत संस्कार से पूर्व बुधवार से घर में रामायण का पाठ शुरू हुआ था।
जिसमें परिवार के साथ गांव के नजदीकी लोग व कुछ रिश्तेदार भी शामिल होने आए थे। दो भाइयों के एक साथ यज्ञोपवीत संस्कार को लेकर घर में खुशी का माहौल था, लेकिन रात आई आंधी और बारिश के दौरान एक पल में ही मातम छा गया।
जहां रामायण पाठक की चौपाइयां गूंज रही थीं, वह करुण क्रुंदन सुनाई देना लगा। हादसे में एक के बाद एक, चार मौतें होने की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
परिजनों ने बताया कि चचेरे बाबा गोकरनाथ अविवाहित थे, वह रामेंद्र के पिता रामनरेश के साथ ही रहते थे। उन्नाव निवासी उसके मौसा राजेश भी खेती करते थे। उनके चार बेटे व एक बेटी है। उन्नाव निवासी मामा राजकिशोर भी विवाहित थे, लेकिन उनके कोई संतान नहीं थी।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद स्वयं मौके पर जाकर स्थिति देखी है। पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया गया है। राजस्व टीम को रिपोर्ट तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। पीड़ित परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से संभव मदद दिलाई जाएगी। - मनोज कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम