हरदोई। बरसात में नगरीय निकाय के लोगों को जलभराव की समस्या से छुटकारा और पानी निकासी के लिए सभी इंतजाम जुटाने होंगे।
जिले में 13 निकायों में से 12 निकायों को नाले-नालियों की साफ-सफाई स्वयं के संसाधनों से करानी होगी। शासन ने नाले-नालियों की साफ-सफाई के लिए अभी तक 12 निकायों को रुपये नहीं दिए। ऐसे में 15 जून तक काम कराए जाने की समय सीमा के चलते निकायों को खुद से ही काम कराना होगा।
नगरीय निकायों में जलभराव की समस्या से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। निकायों में होने वाले जलभराव वाले स्थलों की भी पहचान की गई है। निकायों में घरों और सार्वजनिक स्थानों से निकलने वाले पानी के लिए मोहल्लों में नालियों के साथ ही बड़े नाले हैं। इनकी सफाई कराई जानी है।
शासन ने निकायों के नाले-नालियों की सफाई के लिए समयसारिणी भी दी है। इससे काम समय से कराते हुए बरसात से पहले काम को पूरा करा लिया जाए। जिले में 13 नगरीय निकाय हैं। इसमें नगर पालिका हरदोई के नाले-नालियों की साफ-सफाई के लिए रुपये दिए हैं, जबकि अन्य निकायों को कोई रुपये नहीं मिले। इससे नगरीय निकायों को उपलब्ध बजट से काम कराने की व्यवस्था दी गई है।
निकायवार नाले-नालियों की संख्या पर एक नजर
13 निकायों में नगर पालिका हरदोई में 52, बिलग्राम में 18, मल्लावां में 47, सांडी में 17, संडीला में 19, शाहाबाद में 18 और पिहानी में 19 नाला-नालियां हैं। ऐसे ही नगर पंचायत पाली में आठ, माधौगंज में 35, कुरसठ में 13, कछौना में 13, गोपाऊ में छह और बेनीगंज में 12 नाला-नालियां जन निकासी के लिए हैं।
बरसात से पहले सभी निकायों के नाले-नालियों की सफाई कराई जानी है। नगर पालिका हरदोई ने निविदा प्रक्रिया पूरी कराते हुए काम भी शुरू करा दिया है। अन्य निकायों के अधिशासी अधिकारियों से कहा गया कि वह अपने स्तर से नाले-नालियों की साफ-सफाई समय से कराएं। सफाई कराए जाने के साथ ही जलभराव वाले स्थलों को भी सही कराया जाना है। -प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी