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Hardoi News: फार्मेसी की पढ़ाई करने वाले कर रहे ग्रामीणों का इलाज, क्लीनिक और अस्पताल सील

Fri, 20 Jun 2025 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
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बेनीगंज। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा हो रहा है, लेकिन हकीकत कुछ अलग है। अभी तक ग्रामीण इलाकों में बिना पंजीकरण के झोलाछाप अस्पताल संचालित करते नजर आ रहे थे, लेकिन अब तो एक नया तरीका शुरू हो गया है। डी-फार्मा या बी-फार्मा की पढ़ाई करने वाले छात्र भी ग्रामीण इलाकों में अस्पताल और क्लीनिक संचालित करने लगे हैं। शुक्रवार को अहिरोरी के सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने ऐसे ही दो स्थानों पर छापा डाला। बाद में दोनों को सील कर दिया गया।
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केस-1
बी-फार्मा पढ़ने वाले ने खोल लिया हॉस्पिटल
करीमनगर मार्ग पर प्रज्ञा हॉस्पिटल है। अहिरोरी के सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने शुक्रवार को यहां छापा डाला। इस दौरान यहां अशोक नाम का व्यक्ति इंजेक्शन लगवाने आया था। मौके पर मौजूद मिले कथित अस्पताल संचालक आजाद ने पूछताछ के दौरान बताया कि अस्पताल निर्माणाधीन है और मरीजों का इलाज नहीं किया जाता है। मौके पर मरीज मिलने के बारे में पूछने पर उसने चुप्पी साध ली। आजाद ने यह भी बताया कि वह बी-फार्म का छात्र है।

केस-2
डी-फार्मा का छात्र गांव में ही करने लगा प्रैक्टिस
वाजिदपुर गांव में भी सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने छापा डाला। यहां निर्भय त्रिपाठी क्लीनिक चलाते मिले। त्रिपाठी क्लीनिक के नाम से संचालित हो रही क्लीनिक के अभिलेख डॉ. राजीव रंजन ने मांगे, तो निर्भय नहीं दिखा पाए। पूछताछ में पता चला कि निर्भय डी-फार्मा की पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने क्लीनिक खोल ली। एक और डिग्री और होने का दावा किया, जो कि उत्तर प्रदेश में प्रैक्टिस करने के लिए मान्य ही नहीं है।
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वर्जन
सील किए गए दोनों अस्पताल
शिकायतें मिलने पर छापा डाला गया था। दोनों ही जगह न तो पंजीकरण मिला और न ही चिकित्सक। मान्य डिग्री भी दोनों ही जगहों पर संचालक नहीं दिखा पाए। दोनों को सील कर दिया गया है।
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डॉ. राजीव रंजन
सीएचसी अधीक्षक अहिरोरी
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