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लॉकडाउन में कमाई गंवाई, दुश्वारियों के सफर में बीमारी भी मिली

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फोटो-45- चठिया स्थित क्वारंटीन सेंटर में मौजूद सीओ शाहाबाद उमाशंकर सिंह व अन्य। संवाद - फोटो : HARDOI
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शनिवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए एक महिला सहित सात लोग सुनहरे सपने लेकर महानगरों की ओर गए थे। लॉकडाउन के दौरान महानगरों में हुई कमाई तो गंवाई ही, लौटते समय बीमारी की मुसीबत भी आ गई।
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संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सेलामऊ निवासी 22 वर्षीय युवक एक साल से मुंबई में काम करता था। पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर का युवक परिवार का आर्थिक सहयोग करता रहा।
लॉकडाउन में हालात बिगड़े तो कमाई गई पूंजी तो गवां ही दी और फिर घर आने की जद्दोजहद में कभी पिकअप तो कभी ट्राले का सहारा लेना पड़ा। लखनऊ तक साधनों से पहुंचा तो इसके आगे संडीला तक का सफर पैदल किया।
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यहां प्रशासन ने उसे क्वारंटीन सेंटर भेजकर 14 मई को जांच कराई तो अब रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कुछ इसी तरह संडीला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गौसा की निवासी 25 वर्षीय महिला पति और तीन बच्चों के साथ स्कूटी से गाजियाबाद से 13 मई को संडीला पहुंची थी। थर्मल स्क्रीनिंग में संदिग्ध मिलने पर सीएचसी अधीक्षक ने उसे क्वारंटीन सेंटर भेज दिया था। महिला का पति गाजियाबाद में चाट का ठेला लगाता था। लॉकडाउन के कारण घर वापसी मजबूरी बनी थी। शाहाबाद तहसील क्षेत्र अंतर्गत ब्लाक भरखनी के ग्राम कमालपुर के दो युवक भी पॉजिटिव मिले हैं। इनमें से एक दीपावली से पहले गुजरात के हडियावाला में ईंट भट्ठा पर काम करता था।
पालमपुर तक बस से, फिर उरई तक ट्रेन से और फिर रोडवेज बस से 12 मई को शाहाबाद आया था। यहां प्रशासन ने उसे क्वारंटीन करा दिया और फिर जांच कराई। कमालपुर का ही एक युवक गुजरात के सुरेंद्रनगर में ईंट भट्ठे पर नौकरी करता था। वह 12 मई को शाहाबाद आया था।
शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला दिलावरपुर में कोरोना पॉजिटिव पाया गया युवक गाजियाबाद में राजमिस्त्री था। गाजियाबाद से दादरी तक पैदल और फिर ट्रक से शाहजहांपुर तक आया। इसके बाद शाहाबाद तक पैदल चलकर सीमा पर पहुंचा तो उसे क्वारंटीन किया गया। शाहाबाद कस्बे के ही ग्राम कुरसेली के दो युवक महाराष्ट्र के मालनुंगे में बाइक स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर काम करते थे। अलग-अलग वाहनों से लखनऊ आए और लखनऊ से पैदल शाहाबाद पहुंचे। इन्हें भी क्वारंटीन सेंटर में रखा गया था।
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