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Hardoi News: बावन सीएचसी में एक्सरे मशीन नहीं, टेक्नीशियन कभी काटते पर्चे कभी बांटते दवाई

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फोटो- 27- बावन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
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हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी की कोशिशों को दरकिनार कर विभागीय सांठगांठ से अजब-गजब खेल हो रहे हैं। बावन सीएचसी की स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी। तब से यहां एक्सरे मशीन नहीं है। बावजूद इसके यहां टेक्नीशियन की तैनाती है। मशीन न होने के कारण टेक्नीशियन से कभी पर्चा काउंटर पर तो कभी दवा वितरण काउंटर पर ड्यूटी ली जाती है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बावन में एक्सरे मशीन न होने के बाद भी यहां टेक्नीशियन की तैनाती है। जाहिर सी बात है कि टेक्नीशियन के पास उनके स्तर का कोई काम सीएचसी में नहीं है। बावजूद इसके विभाग के अंदरूनी समझौते के तहत वह ब्लॉक में तैनात हैं। यहां तैनाती की एक वजह यह भी है कि बावन सीएचसी की दूरी जिला मुख्यालय से बमुश्किल छह किलोमीटर है। अधीक्षक डॉ. पंकज मिश्रा बताते हैं कि टेक्नीशियन निशक्त भी हैं। इस वजह से उनसे कभी पर्चा कटवाने का काम ले लिया जाता है तो कभी दवा वितरित कराने का। एक्सरे मशीन के लिए प्रयासरत होने का दावा भी उन्होंने किया।

कछौना सीएचसी में एक्सरे मशीन नहीं, टेक्नीशियन है
बिना एक्सरे मशीन तैनात था टेक्नीशियन, संडीला भेज दिया
कछौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एक्सरे मशीन नहीं है। यहां भी टेक्नीशियन की तैनाती है। बावन की तरह कछौना में भी एक्सरे मशीन न होने के कारण टेक्नीशियन के पास कोई खास काम नहीं है। कुछ माह पहले बिना मशीन के ही टेक्नीशियन की तैनाती का मामला उछला तो यहां के टेक्नीशियन को संडीला सीएचसी से संबद्ध कर दिया गया। फिलहाल वह संडीला में ही ड्यूटी कर रहे हैं। (संवाद)
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केस-1
जांच कराने आए, अब निजी केंद्र का सहारा
कछौना क्षेत्र निवासी मरीज रामनरेश ने बताया कि वह चोट लगने के बाद एक्सरे कराने सीएचसी पहुंचे थे। वहां मशीन न होने की जानकारी मिली। अब उन्हें जांच के लिए निजी केंद्र जाना पड़ेगा। आने-जाने में समय और किराया खर्च होगा। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल है।


केस-2
सीएचसी पर सुविधा नहीं, मेडिकल कॉलेज जाना पड़ेगा
बावन निवासी मरीज राजेश कुमार ने बताया कि वह एक्सरे कराने सीएचसी पहुंचे थे लेकिन वहां मशीन न होने के कारण जांच नहीं हो सकी। अब मेडिकल कॉलेज में एक्सरे कराना पड़ेगा, आने-जाने में किराया भी खर्च करना होगा। उनका कहना है कि यदि सीएचसी पर ही सुविधा उपलब्ध होती तो उन्हें आर्थिक परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना और बावन में एक्सरे मशीन लगाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। प्रयास है कि जल्दी ही जांच सुविधाएं शुरू करवाई जाएंगी। -डॉ. अरविंद सचान, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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