मल्लावां। क्षेत्र के अटवारा नेवादा गांव के सामने से निकले बड़े माइनर पर पुल न होने से ग्रामीण विद्युत पोल के सहारे जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे, जबकि बरसात में यह मार्ग बंद होने से लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करके जाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने यहां पर पुल बनवाने की मांग की है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अटवारा नेवादा गांव से गंजमुरादाबाद जाने वाले मार्ग पर गांव के सामने से निकले बड़े नाले पर पुल नहीं है।
सरकारें आती रही जाती रहीं, लेकिन ग्रामीणों की समस्या हल नहीं हो सकी है।
विधानसभा चुनाव में ग्रामीणों ने माइनर पर पुल बनवाने की मांग उठाई थी। इस रास्ते से अटवारा नेवादा, खेतरहा, परमी, फुलई, बंदरहिया समेत अन्य गांवों के लोगों को उन्नाव जिले के कस्बा गंजमुरादाबाद, कस्बा मल्लावां की बाजार जाना पड़ता है।
ऐसे में खंभों के ऊपर से साइकिल सवार या पैदल जाने वाले लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। इन गांवों के लोगों के बड़े वाहन न निकलने से गंज जलालाबाद से होकर अतिरिक्त दूरी तय करके जाना पड़ता है।
सबसे ज्यादा समस्या खेतों में जाने वाले किसानों को खाद ले जाने और फसल लाने में होती है। ग्राम प्रधान मुख्तार अहमद ने बताया कि उन्होंने पहले शासन-प्रशासन को पुल बनवाने के लिए पत्र लिखा, पर समस्या हल नहीं हो सकी।
श्याम नरायन का कहना है बारिश में इस नाले में जलभराव होता है। इसके अलावा शारदा नहर का भी पानी इस नाले में आता है। बताया कि उन लोगों को खेतों में खाद और फ़सल लाने में घूम कर गांव जाना पड़ता है।
परमी निवासी राहुल शुक्ला ने बताया कि उनके गांव से गंज मुरादाबाद का सीधा रास्ता है, लेकिन पुल न होने से अतिरिक्त तीन से चार किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।